वैभव सूर्यवंशी
ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में खेली गई टी20 सीरीज के दौरान बहुत अच्छी और आक्रामक बल्लेबाजी की है। इन्होनें इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मैचों में कम स्कोर बनाने के बाद इस दौरे पर शानदार वापसी की है। पहले ही मैच में सिर्फ 18 गेंदों पर फिफ्टी बनाकर
सचिन तेंदुलकर
का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाने का बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। तीसरे मैच में 49 गेंदों पर 81 रनों की बड़ी पारी खेली है जिसमें 102 मीटर लंबा छक्का भी शामिल है और अपनी टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ मिलकर भारत को इस सीरीज में 3-0 की शानदार जीत दिलाई है।
वैभव सूर्यवंशी के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में खेली गई यह टी20 सीरीज उनके करियर का एक बहुत बड़ा हिस्सा रही है। इससे पहले जब वह इंग्लैंड के खिलाफ मैच खेल रहे थे तब उनका खेल अच्छा नहीं रहा था और उन शुरुआती मैचों में उनके स्कोर केवल 14, 13 और 15 रन ही थे। जैसे ही वह जिम्बाब्वे पहुंचे वह बिना डरे खुलकर खेलना शुरू कर दिए। सीरीज के पहले ही मैच में इन्होनें जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की बहुत पिटाई की और मैदान के चारों तरफ बहुत अच्छे शॉट लगाए।
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पहला टी20 मैच
हरारे में खेले गए सीरीज के पहले टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 18 गेंदों में ही अपनी फिफ्टी पूरी कर ली थी। इस छोटी सी पारी के दौरान इन्होनें 4 छक्के और 4 चौके लगाए थे। इस शानदार खेल के दम पर वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी बनाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। इन्होनें महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इस मैच में वह 19 गेंद खेलकर आउट हो गए थे तब तक वह अपना नाम इतिहास में दर्ज करा चुके थे।
तीसरा टी20 मैच
इस सीरीज के तीसरे और आखिरी टी20 मैच में वैभव ने एक बार फिर बहुत बढ़िया खेल दिखाया। इस मैच में इन्होनें 49 गेंदों का सामना किया और 81 रनों की बहुत शानदार पारी खेली। इस पारी में इन्होनें 8 चौके और 4 बड़े छक्के लगाए। मैच के दौरान इन्होनें सिकंदर रजा की गेंद पर एक बहुत लंबा छक्का मारा था जो 102 मीटर दूर जाकर गिरा था। इसके अलावा इन्होनें ईशान किशन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 75 रनों की बहुत अच्छी साझेदारी की और शुरुआती ओवरों का पूरा फायदा उठाया। आखिर में वह अपना शतक पूरा नहीं कर पाए और वेस्ले मधेवेरे की गेंद पर ब्रैड इवान्स के हाथों कैच आउट होकर वापस लौट गए।
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भारतीय टीम की जीत
वैभव सूर्यवंशी के इस शानदार खेल के अलावा मयंक यादव, ईशान किशन और
तिलक वर्मा
जैसे दूसरे युवा खिलाड़ियों की मदद से भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज 3 से शून्य से जीत ली। सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 5 विकेट पर 192 रन बनाए थे। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवरों में 7 विकेट पर 157 रन ही बना पाई और भारत ने यह मैच 35 रनों से अपने नाम कर लिया। इस पूरी सीरीज ने वैभव सूर्यवंशी के करियर को एक नई ऊंचाई दी है।