विजय हजारे ट्रॉफी के तीसरे और चौथे सेमीफाइनल में जीत के बाद विदर्भ और पंजाब की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। ग्रुप सी की टॉपर रही पंजाब की टीम ने मध्य प्रदेश को हराकर और विदर्भ की टीम ने ग्रुप डी की टॉपर दिल्ली को हराकर सेमीफाइनल में एंट्री की है। कर्नाटक और सौराष्ट्र की टीमें पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। अब इन दोनों टीमों की जीत के बाद यह तय हो गया है कि पहले सेमीफाइनल में विदर्भ का मुकाबला कर्नाटक से और दूसरे सेमीफाइनल में पंजाब का मुकाबला सौराष्ट्र से होगा। पहला सेमीफाइनल मैच 15 जनवरी को और दूसरा 16 जनवरी को खेला जाएगा। फाइनल मैच 18 जनवरी को बेंगलुरु में खेला जाएगा।
पंजाब के कप्तान प्रभसिमरन सिंह ने कप्तानी पारी खेलकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में रखा था जिसके चलते उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। दूसरी तरफ, विदर्भ के यश राठौड़ को मैन ऑफ द मैच चुना गया क्योंकि उन्होंने 86 रन की शानदार पारी खेली थी।
MP बनाम पंजाब
तीसरे सेमीफाइनल में मध्य प्रदेश की टीम ने टॉस जीता था लेकिन पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पंजाब ने इस मौके का जबरदस्त फायदा उठाया। हरनूर सिंह ने 51 रन और प्रभसिमरन सिंह ने 88 रन बनाकर जबरदस्त शुरुआत दी। इसके बाद अनमोल प्रीत सिंह ने 70 रन और नेहाल वढेरा ने 56 रनों की पारी खेली। इस तरह सिर्फ 6 विकेट खोकर पंजाब ने 345 रन बना डाले। मध्य प्रदेश की ओर से त्रिपुरेश सिंह और वेंकटेश अय्यर को दो-दो विकेट मिले।
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346 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी मध्य प्रदेश की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। यश दुबे सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए। हिमांशु मंत्री 18 रन, शुभम शर्मा 24 रन और रजत पाटीदार 38 रन ही बना पाए। इसके बाद वेंकटेश अय्यर 0 पर आउट हुए और अक्षत रघुवंशी 4 और सारांश जैन 6 रन बनाकर आउट हो। लगातार अंतराल पर विकेट गिरने का असर यह हुआ कि मध्य प्रदेश की टीम 162 रन पर 32वें ओवर में ही ऑल आउट हो गई।
पंजाब के सनवीर सिंह ने तीन विकेट लिए। वहीं, गुरनूर सिंह, कृष भगत और रमनदीप सिंह को दो-दो विकेट मिले।
दिल्ली बनाम विदर्भ
बेंगलुरु में खेले गए चौथे क्वार्टर फाइनल मैच में दिल्ली ने टॉस जीता था और पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए विदर्भ के अथर्व तायड़े ने शानदार अर्धशतक लगाया और कुल 62 रनों की पारी खेली। यश राठौड़ ने 86 रन और ध्रुव शोरे ने 49 रनों की पारी खेलकर 50 ओवर में अपनी टीम का स्कोर 9 विकेट पर 300 रन तक पहुंचा दिया। दिल्ली की ओर से कप्तान ईशांत शर्मा, नवदीप सैनी, प्रिंस यादव और नीतीश राणा को दो-दो विकेट मिले।
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पहले तो यह लक्ष्य आसान ही लग रहा था लेकिन विदर्भ के कप्तान हर्ष दुबे और नचिकेत भूटे ने इसे बहुत मुश्किल बना दिया। तेज शुरुआत के बाद दिल्ली ने 7.4 ओवर में ही 58 रन बना लिए थे। यहीं प्रियांश आर्य और नीतीश राणा को एक ही ओवर में आउट करके नचिकेत भूटे ने दिल्ली की रफ्तार रोक दी। दिल्ली के बल्लेबाजों ने थोड़ा टिकने की कोशिश की लेकिन 79 रन के स्कोर पर वैभव कांडपाल और फिर 80 के स्कोर पर तेजस्वी दहिया भी आउट हो गए। इसके बाद तो विकेटों की झड़ी लग गई।
अनुज रावत ने सबसे ज्यादा 66 रन बनाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 30 रन तक भी नहीं पहुंच सका। नतीजा यह हुआ कि दिल्ली की टीम 46वें ओवर की पहली गेंद पर 224 बनाकर ही आउट हो गई। विदर्भ के नचिकेत भूटे ने 4 विकेट, हर्ष दुबे ने तीन विकेट और प्रफुल्ल हिंजे ने 2 विकेट लिए।