भारतीय क्रिकेट के बड़े चेहरों में शुमार विराट कोहली ने एक बार फिर अपने बल्ले से इतिहास रच दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में कोहली ने ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाजों की कतार में और मजबूती से खड़ा कर दिया। 28 हजार अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बनने के साथ-साथ कोहली ने न सिर्फ सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, बल्कि यह भी दिखा दिया कि उम्र और दबाव उनके जज्बे को कम नहीं कर पाए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद कोहली का भावुक बयान, मैदान पर फैंस का जबरदस्त समर्थन और कप्तान शुभमन गिल की तारीफों ने इस मुकाबले को एक यादगार क्रिकेटिंग लम्हा बना दिया है।
37 वर्षीय कोहली ने मीडिया में अपना बयान देते हुए कहा कि जिस खेल से वह बचपन से प्यार करते आए हैं, उसी के जरिए करोड़ों लोगों के चेहरे पर खुशी ला पाना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। विराट कोहली ने यह उपलब्धि अपनी 624वीं पारी में हासिल की। इस मामले में वह सचिन तेंदुलकर से भी आगे निकल गए, जिन्होंने 644 पारियों में यह मुकाम हासिल किया था। श्रीलंका के कुमार संगकारा ने 666 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था।
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किसकी गेंद पर पुरा किया कोहली 28000 हजार रन का रिकार्ड?
कोहली ने लेग स्पिनर आदित्य अशोक की गेंद पर चौका लगाकर यह रिकॉर्ड बनाया। कुल रन बनाने के मामले में वह अब भी सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे नंबर पर हैं। मैच के बाद विराट कोहली ने कहा, 'अगर मैं अपने पूरे सफर को देखूं तो यह किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं है। मुझे हमेशा अपनी काबिलियत पर भरोसा रहा लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। भगवान ने मुझे इतना कुछ दिया है कि शिकायत करने की कोई वजह नहीं है। मेरे मन में सिर्फ आभार है और मुझे अपने सफर पर गर्व महसूस होता है।'
91 गेंदों में पूरे किए 93 रन
इस मैच में 91 गेंदों पर 93 रन की शानदार पारी खेलने के लिए कोहली को करियर में 45वीं बार 'प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। मैदान पर मौजूद दर्शकों ने उनका जोरदार स्वागत किया, जिस पर कोहली ने कहा कि लोगों को खुशी देना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा, 'जो काम आप सबसे ज्यादा पसंद करते हैं, उसे करके लोगों को खुश कर पाना किसी आशीर्वाद से कम नहीं है।'
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'अगर हम पहले बल्लेबाजी कर रहा होता तो और अच्छा खेलता..'
अपनी पारी के बारे में बात करते हुए कोहली ने साफ किया कि वह रिकॉर्ड या मील के पत्थर के बारे में नहीं सोच रहे थे। उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो मैं इस समय किसी रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोच रहा। अगर हम पहले बल्लेबाजी कर रहे होते तो शायद मैं और आक्रामक खेलता लेकिन लक्ष्य सामने होने की वजह से मुझे हालात के हिसाब से खेलना पड़ा।'
नंबर तीन पर बल्लेबाजी को लेकर उन्होंने कहा कि अब वह मुश्किल हालात में भी खुद पर भरोसा करके आक्रामक खेलने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि सिर्फ इंतजार करने का कोई फायदा नहीं होता लेकिन बिना जरूरत जोखिम भी नहीं लेना चाहिए।
कोहली ने यह भी बताया कि उन्हें मिलने वाले ज्यादातर अवॉर्ड वह अपनी मां को भेज देते हैं। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा, 'मैं अपने अवॉर्ड्स अपनी मां को भेज देता हूं। उन्हें इन्हें संभाल कर रखना अच्छा लगता है।'
मैच के दौरान जब रोहित शर्मा के आउट होने के बाद कोहली बल्लेबाजी के लिए उतरे, तो स्टेडियम में जोरदार शोर सुनाई दिया। इस पर कोहली ने कहा कि उन्हें इस तरह का माहौल थोड़ा असहज करता है और वह आउट होकर लौटने वाले खिलाड़ी के लिए बुरा महसूस करते हैं, हालांकि वह दर्शकों की भावनाओं को भी समझते हैं।
कप्तान शुभमन गिल ने की कोहली तारीफ
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह की पिचों पर शुरुआत करना मुश्किल होता है और कोहली जो कर रहे हैं, उसे दोहराना आसान नहीं है। गिल ने उम्मीद जताई कि विराट आगे भी इसी तरह रन बनाते रहेंगे।
कोहली ने अंत में कहा कि रन चेज करते वक्त टीम के लिए योगदान देना उन्हें हमेशा अच्छा लगता है और खिलाड़ियों के लिए वर्तमान में रहना सबसे जरूरी होता है, जिसकी वह हमेशा कोशिश करते हैं।