भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है। ग्लासगो में हुए फाइनल में नीरज का सबसे अच्छा थ्रो 85.83 मीटर रहा। श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। भारत के दूसरे खिलाड़ी यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
रोहित यादव सातवें स्थान पर रहे। यह पहली बार हुआ है जब जैवलिन थ्रो में दो भारतीय खिलाड़ी पोडियम पर पहुंचे। नीरज चोपड़ा ने मुकाबले की शुरुआत 80.97 मीटर के थ्रो से की। वह गोल्ड से चूके लेकिन सिल्वर अपने नाम कर गए।
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कैसे गोल्ड से चूके नीरज चोपड़ा?
नीरज चोपड़ा ने दूसरी कोशिश में 85.83 मीटर फेंककर लीड हासिल कर ली। लेकिन श्रीलंका के पाथिरागे ने अपनी दूसरी कोशिश में 89.75 मीटर का शानदार थ्रो करके आगे निकल गए। नीरज बाकी कोशिशों में और बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके और सिल्वर मेडल पर संतोष करना पड़ा।
मैच जीतने के बाद क्या कहा?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने पर नीरज चोपड़ा ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूँ। चोटों से जूझने के बावजूद, दूसरे भारतीय जैवलिन थ्रोअर्स को अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखना अच्छा लगता है। यश वीर ने 85 मीटर का आंकड़ा पार कर लिया है, रोहित ने यहां आने से पहले 87 मीटर की दूरी तक थ्रो किया था और सचिन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय जैवलिन में हो रही प्रगति को देखना उत्साहजनक है।'
अरशद नदीम का क्या हाल रहा?
पेरिस ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट पाकिस्तान के अरशद नदीम फाइनल में टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके और नौवें स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा के लिए यह कॉमनवेल्थ गेम्स में दूसरा मेडल है। इससे पहले 2018 के गोल्ड कोस्ट गेम्स में उन्होंने 86.47 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता था।
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मेडल जीत रहे नीरज लेकिन बदल रहा रंग
2022 के बर्मिंघम गेम्स में चोट के कारण नीरज चोपड़ा हिस्सा नहीं ले सके थे। 28 साल के नीरज अब टोक्यो ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट के रूप में अपनी लगातार सफलता जारी रखे हुए हैं।