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विमेंस T20 WC: भारतीय टीम की क्या है कमजोरी, कौन सा डिपार्टमेंट मजबूत है?

विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा है। टीम इंडिया की किस डिपार्टमेंट में मजबूत है और कमजोरी क्या है? यहां जानिए।

Indian Women's T20 Team

भारतीय विमेंस टीम, Photo Credit: BCCI Women/X

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ICC विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम किस कॉम्बिनेशन के साथ उतरेगी, यह बड़ा सवाल है। ऑलराउंडर अमनजोत कौर और काश्वी गौतम के चोटिल होने से पहले टी20 वर्ल्ड कप खिताब की कवायद में लगी टीम इंडिया को करारा झटका लगा है। 12 जून से इंग्लैंड में शुरू हो रहे इस ICC इवेंट में परचम लहराने के लिए भारतीय टीम को कुछ बड़े खिलाड़ियों पर निर्भर रहना होगा। 

 

हरमनप्रीत कौर ब्रिगेड इस टूर्नामेंट में वनडे वर्ल्ड कप चैंपियन के तौर पर उतरी है लेकिन हर विभाग में कुछ न कुछ कमी है, जिससे उसकी राहें मुश्किल लग रही हैं। टीम इंडिया ने पिछले साल नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था लेकिन तब भी उसे बीच में संघर्ष करना पड़ा था। ऐसे में जेमिमा रॉड्रिग्स ने जिम्मेदारी संभाली और भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस बार भी जेमिमाह से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें हैं।

 

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बैटिंग मजबूत लेकिन लोअर ऑर्डर में है समस्या

कुछ समय पहले तक ऐसा लग रहा था कि भारत ने सबसे छोटे फॉर्मेट में लगभग सभी डिपार्टमेंट में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है लेकिन टी20 वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड से लगातार दो सीरीज हारने पर उसकी कमजोरियां उजागर हो गई हैं। भारतीय टीम की बल्लेबाजी मजबूत नजर आ रही है लेकिन लोअर ऑर्डर में समस्या है। पावर हिटर ऋचा घोष रन बनाने के लिए जूझ रही हैं। अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा का प्रदर्शन भी बल्ले से कुछ खास नहीं रहा है।

 

स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की ओपनिंग जोड़ी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वार्म-अप मुकाबले में अर्धशतकीय साझेदारी कर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए हैं। यास्तिका भाटिया नंबर-3 पर आकर स्थिरता प्रदान तो कर रही हैं लेकिन उन्हें अपने स्ट्राइक रेट पर काम करना होगा। वह इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा (119) रन बनाने वाली बल्लेबाज रही थीं लेकिन उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 126.79 का था, जो टॉप-5 रन स्कोरर्स में सबसे कम था। जेमिमाह और कप्तान हरमनप्रीत को मिडिल ओवर्स में रन गति को बढ़ाने की जिम्मेदारी उठानी होगी।

 

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5 गेंदबाजों से बन जाएगा काम?

अमनजोत और काश्वी गौतम की चोट ने भारतीय टीम को 5 गेंदबाजों के साथ उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। शेफाली की पार्ट-टाइम स्पिन गेंदबाजी छठा विकल्प है। हालांकि बड़े टूर्नामेंट में 5 स्पेशलिस्ट गेंदबाजों के साथ जाना भारी पड़ सकता है। भारतीय टीम स्पिन गेंदबाजों पर अधिक निर्भर है। पेस बॉलिंग डिपार्टमें में उसके पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं।

 

युवा पेसर नंदिनी शर्मा का अच्छा प्रदर्शन भारत के लिए सकारात्मक पहलू रहा है। इसके अलावा बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने भी प्रभावित किया है। ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल ने वापसी के बाद से ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है लेकिन कुल मिलाकर गेंदबाजी बहुत ज्यादा आत्मविश्वास नहीं दिलाती है।

 

भारत की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी ने भी गेंदबाजी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है, 'हमारी गेंदबाजी हमारी बल्लेबाजी और फील्डिंग जितनी अच्छी नहीं है। शुरू से ही हमारा गेंदबाजी आक्रमण अच्छा रहा था लेकिन अब ऐसा नहीं है।'


टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमाह रॉड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, भारती फुलमाली, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), नंदनी शर्मा, राधा यादव।


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