logo

ट्रेंडिंग:

तेलंगाना के लोगों ने 3 दिन में 120 आवारा कुत्तों की जान क्यों ले ली?

तेलंगाना के दो गांवों में 100 से ज्यादा आवारा कुत्तों के शव मिले हैं। बताया जा रहा है कि इन्हें जहरीला इंजेक्शन देकर मार दिया गया।

dogs

प्रतीकात्मक तस्वीर। (Photo Credit: PTI)

शेयर करें

संबंधित खबरें

Reporter

तेलंगाना के हनुमाकोंडा जिले के दो गांवों में सैकड़ों कुत्तों को मारे जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जहरीला इंजेक्शन देकर आवारा कुत्तों को मार दिया गया। इस मामले में पुलिस दोनों गांवों की ग्राम पंचायत के सदस्यों, उनके पतियों सहित 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

 

हनुमाकोंडा पुलिस के अनुसार, 120 कुत्तों के शव श्यामपेट और अरेपल्ली ग्राम पंचायत की सीमाओं से बरामद किए गए हैं।

 

हनुमाकोंडा के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हर गांव में शायद 50-60 कुत्ते थे, और ऐसा लगता है कि इन सभी कुत्तों को ग्राम पंचायत के अधिकारियों की मदद से जानलेवा इंजेक्शन देकर मारा गया था।'

 

यह भी पढ़ें-- 32 सेकंड रही बत्ती गुल, HC से मिला 16 साल की लड़की को इंसाफ; क्या है पूरा मामला?

जहर देकर मार दिया गया!

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'कुत्तों को जहर का इंजेक्शन दिया गया था और उनके खाने में भी जहर मिलाया गया था।' पुलिस ने बताया कि 6 से 8 जनवरी के बीच इन कुत्तों को मारा गया है।

 

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने आवारा जानवरों के साथ दुर्व्यवहार को रोकने के लिए एक जागरूकता अभियान भी शुरू किया है।

 

यह भी पढ़ें-- सरकार की जांच में खुलासा, एमपी में गंदा पानी पीने से हुई थीं 15 मौतें

 

पुलिस ने दर्ज किया केस

शिकायत के आधार पर पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण कानून, 1960 के तहत मामले दर्ज किए। एक NGO, स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने कुत्तों को जहर देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।

 

शिकायत में कहा गया है कि सरकार को आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने में लोगों की मदद करने के लिए नसबंदी और टीकाकरण सहित पशु नियंत्रण उपायों को लागू करना चाहिए था।

Related Topic:#Telangana News

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap