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4 महीने में 23 बाघों की मौत, मध्य प्रदेश में क्यों संकट में है टाइगर?

मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में 2 बाघों की मौत हुई। अब तक पूरे राज्य में 23 बाघों की मौत हो गई। बाघों के मौत के कारण टाइगर रिजर्व की व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI

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मध्य प्रदेश का कान्हा टाइगर रिजर्व सवालों के घेरे में है, जहां एक ही हफ्ते में 2 दो बाघों की मौत हो गई। राज्य में जनवरी से लेकर अब तक 23 बाघों की मौत हो चुकी है। 25 अप्रैल के दिन रिजर्व के अधिकारियों को 23वें बाघ का शव मिला। वन विभाग के अधिकारियों ने मृत बाघ के शव की जांच की थी, जिससे पता चला कि यह बाघ वही था जिसके भाई की मौत 21 अप्रैल के दिन हुई थी। इस घटना से पूरे टाइगर रिजर्व की व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं।

 

कान्हा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को गुरुवार यानी 25 अप्रैल की शाम को बाघ का शव मिला था। मृत बाघ लगभग एक से डेढ़ साल का था। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट नहीं आई है। रिजर्व के उपनिदेशक अभिताभी ने इस घटना के बारे में बताया कि मृत बाघ को उसकी मां ने भोजन नहीं दिया, जिससे भूख की वजह से उसकी मौत हो गई।

 

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लगातार रिजर्व में मौत के आंकड़े क्यों बढ़े?

कान्हा रिजर्व में कई बाघ और बाघिन रहते हैं, जहां रिजर्व के कर्मचारी बाघों की रक्षा करते हैं। मौत के बढ़ते आंकड़ों को लेकर वन विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों की मौत की वजह रिजर्व में निगरानी और पेट्रोलिंग में कमी है। इसके अलावा आशंका जताई गई है कि बाघों की मौतों के पीछे आपसी लड़ाई, बीमारी और भूख भी कारण हो सकते हैं।

मृत बाघ का शव कहां मिला?

कान्हा रिजर्व के सबसे अच्छे इलाकों में से एक सारगी में एक बाघ के शावक का शव मिला। वन विभाग के अधिकारियों का प्राथमिक अनुमान है कि शावक की मौत भुखमरी के कारण हुई होगी, ऐसा लगता है कि बाघिन ने उसे शिकार या दूध नहीं दिया। इसके अलावा बालाघाट के उत्तरी वन मंडल में एक वयस्क बाघ का शव भी बरामद किया गया है।

 

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मध्य प्रदेश बाघों का राज्य

2022 की जनगणना के मुताबिक मध्य प्रदेश में 785 बाघ थे, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा बाघों वाला राज्य बन गया था। 2026 में राज्य में बाघों की संख्या घटती जा रही है। जहां 21 अप्रैल के दिन बाघों की मौत का आंकड़ा 21 हो गया था, वहीं आंकड़ा बढ़कर 23 हो गया है।

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