महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक मामला सामने आया है। जहां एक आश्रम स्कूल के 26 छात्र अचानक बीमार पड़ गए हैं। जिनमें पहली कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र श्रीयांश की मौत हो गई है। स्कूल के 26 छात्रों के सर्दी, खांसी, और बुखार की समस्या बताई जा रही है। इसी कारण से सभी छात्रों को उपचार के लिए मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
एक ही आश्रम से स्कूल से एकदम इतने छात्रों का बीमार पड़ना बेहद अजीब है। इस कारण से अभिभावक काफी चिंतित है। अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि आश्रम स्कूल के छात्रों को सुबह के समय ठंडे पानी से नहाना पड़ता है।
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7 साल के श्रीयांश की मौत
पालघर के मासवण स्थित आदिवासी विकास विभाग की सहायता से संचालित प्राथमिक और माध्यमिक आश्रम स्कूल में सात साल का श्रीयांश शैलेश आंबात पहली कक्षा में पढ़ता था। 24 अगस्त को श्रीयांश की तबीयत अचानक बिगड़ गई। श्रीयांश को 22 अगस्त के दिन भी बुखार आया था जिसके बाद उसे उपचार के लिए मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। उपचार के बाद श्रीयांश की तबीयत में सुधार बताया गया।
श्रीयांश की तबीयत 24 अगस्त को अचानक बिगड़ गई। श्रीयांश को उपचार के लिए तत्काल मनोर ग्रामीण अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। श्रीयांश की मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। प्रशासन के मुताबिक, श्रीयांश के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही छात्र की मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।
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अभिभावकों ने जताई चिंता
अभिभावकों ने विद्यार्थियों के बीमार पड़ने पर चिकित्सा सुविधा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। एक अभिभावक संदीप गवली ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए अपील की है कि आश्रम स्कूल के सभी छात्रों की स्वास्थ्य जांच कराई जाए। आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी विशाल खत्री ने कहा है कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी के कहने पर स्कूल के सभी बच्चों की दोबारा स्वास्थ्य जांच की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि परिसर की साफ-सफाई और पानी की सफाई के लिए जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। ऐसी घटना दोबारा ना हो इसके लिए सावधानियां बरती जा रही हैं।