उत्तर प्रदेश के जिला बांदा में बारिश के बाद उफनाए नाले को पार करना चार किसानों के लिए जानलेवा साबित हुआ। मरका थाना क्षेत्र के गुजेनी गांव में मंगलवार शाम खेती-किसानी का काम निपटाकर लौट रहे चार किसान अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए। एक किसान किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया, जबकि एक पुरुष और दो महिलाएं पानी में बह गए। पुलिस और ग्रामीणों ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब 500 मीटर के दायरे में खोजबीन कर तीनों के शव बरामद कर लिए।
जानकारी के मुताबिक, गुजेनी गांव निवासी चार किसान खेती के काम से नाले के उस पार गए थे। दिनभर हुई बारिश के बाद नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। शाम करीब साढ़े 6 बजे चारों वापस लौट रहे थे। बताया गया कि उन्होंने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नाला पार करने की कोशिश की लेकिन तेज बहाव के सामने उनका प्रयास नाकाम हो गया। पानी का दबाव बढ़ने के साथ एक के बाद एक तीन लोग बह गए। रामखेलावन किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आया और उसने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।
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तीन लोगों की डूबने से मौत
हादसे में कोमल (27) पुत्र छोटेलाल, कुसुम रानी (30) पत्नी रामखेलावन और सिया (50) पत्नी फूलचंद्र की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।मरका थाना पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के साथ नाले में तलाशी अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद करीब 500 मीटर के दायरे में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर तीनों के शव बरामद किए गए।
मरका थाना प्रभारी सूबेदार बिंद ने बताया कि तीनों शव बरामद कर लिए गए हैं। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। हादसे की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक विशंभर सिंह यादव भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदना जताई और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
लंबे समय से पुलिया की मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, बहा नाला आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। बारिश के दौरान पानी बढ़ने से इस रास्ते से आवागमन खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां सुरक्षित रास्ते और पुलिया के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका।ग्रामीणों का आरोप है कि यदि यहां सुरक्षित पुलिया या आवागमन की उचित व्यवस्था होती तो इस तरह का हादसा टाला जा सकता था।
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हादसे के बाद गुजेनी गांव में मातम पसरा है। मृतक कोमल अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को छोड़ गया है। कुसुम रानी के दो बेटे हैं, जबकि सिया के परिवार में एक बेटा है। तीनों परिवारों में हादसे के बाद कोहराम मचा हुआ है।बारिश के मौसम में नाले का अचानक उफान और सुरक्षित रास्ते का अभाव एक बार फिर ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बनकर सामने आया है। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से यहां स्थायी और सुरक्षित पुलिया बनाए जाने की मांग की है।