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CM हिमंत बिस्व सरमा के काफिले के लिए रोक दी थी एंबुलेंस, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के काफिले के लिए एंबुलेंस रोकने के चलते 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। हिमंत बिस्व सरमा ने माफी भी मांगी है।

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हिमंत बिस्व सरमा, Photo Credit: Himanta Biswa Sarma

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असम के सिलचर में बुधवार को एक रोचक घटना हुई। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के काफिले को रास्ता देने के लिए एक एंबुलेंस को रोक दिया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला खुद सीएम हिमंत तक पहुंचा तो उन्होंने इस पर माफी मांगी है। सीएम हिमंत के निर्देश पर लापरवाही के आरोप में 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि इस मामले की जांच कराएं। इससे पहले एंबुलेंस के ड्राइवर ने कहा था कि उसे केवल कुछ मिनट के लिए रोका गया था। वहीं, पुलिस ने मामले को दबाने के लिए यह कह दिया था कि उस एंबुलेंस में तो कोई मरीज ही नहीं था।

 

हिमंत बिस्व सरमा बराक घाटी के प्रमुख शहर सिलचर में 3 अक्टूबर को होने वाले नगर निकाय चुनावों के प्रचार के सिलसिले में वहां गए थे। इस घटना के बाद, कछाड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पार्थ प्रतिम दास ने सिचरुकंदी प्वाइंट से श्रीकोना स्थित बराक घाटी सचिवालय तक ट्रैफिक लाइन ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एम्बुलेंस को मुख्यमंत्री के काफिले को निकालने के लिए इसी रास्ते पर रोका गया था। 

CM हिमंत बिस्व सरमा ने मांगी माफी

CM हिमंत ने इस घटना के बारे में अपने X प्रोफाइल पर लिखा है, 'आज सिलचर में मेरे काफिले को रास्ता देने के लिए एक एंबुलेंस रोकी गई थी। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। मैं मरीज और उनके परिवार से माफी मांगता हूं। किसी भी मुख्यमंत्री के गुजरने को किसी की जिंदगी पर तरजीह नहीं देनी चाहिए। मेरा स्पष्ट निर्देश है कि VIP मूवमेंट से आम नागरिकों को समस्या नहीं होनी चाहिए। इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ यह बहुत तकलीफदेह है। मैंने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ऐक्शन लें और जांच कराएं।' इसी पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, असम के चीफ सेक्रेटरी और असम के डीजीपी को भी टैग किया।

 

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उनके इसी पोस्ट पर असम के डीजीपी ने एक घंटे के भीतर जवाब भी दिया। उन्होंने लिखा, 'सर, निर्देश के मुताबिक, तुरंत ऐक्शन लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी घटना फिर कभी न हो।' 

कौन-कौन हुआ सस्पेंड?

एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, निलंबित पुलिसकर्मियों में सिलचर पुलिस थाने के अंतर्गत श्रीकोना पुलिस चौकी के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर (एसआई) विजय गोस्वामी और नेशनल हाइवे (एनएच) चौकी के एसआई शिवशंकर दास शामिल हैं। सस्पेंड किए गए दो अन्य पुलिसकर्मियों में काटीगोड़ा पुलिस थाने के लांस नायक जहरुल इस्लाम और सिलचर यातायात शाखा के लांस नायक कौसर अहमद लश्कर (बरभुइया) शामिल हैं।

एसपी ने निलंबित पुलिसकर्मियों को सिलचर स्थित पुलिस रिजर्व में रिपोर्ट करने और सरकार द्वारा प्रदान की गई अपनी किट जमा करने का आदेश दिया है। उन्हें दैनिक हाजिरी में उपस्थित रहने और बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय न छोड़ने का निर्देश दिया गया है। निलंबित कर्मियों को नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। वे अगले आदेश तक निलंबन के तहत ही रहेंगे। इससे पहले एम्बुलेंस के ड्राइवर ने बताया था कि मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने के दौरान उसे केवल कुछ मिनटों के लिए रोका गया था। वहीं, घटना पर पर्दा डालने के स्पष्ट प्रयास के तहत पुलिस ने दावा किया था कि एम्बुलेंस में कोई मरीज नहीं था।


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