देशभर में हर साल रामलीला होती है और लोग उत्साह के साथ इसे देखते भी हैं लेकिन पंजाब के मोहाली में स्थित जीरकपुर में एक खास रामलीला का आयोजन किया जाएगा। यह रामलीला खास इसलिए है क्योंकि इसमें कोई भी पुरुष कलाकार नहीं है बल्कि सभी कलाकार महिलाएं हैं। इस खास रामलीला की शुरुआत साल 2022 से जीरकपुर के पीरमुछल्ला में हुई थी और इस बार 11 से 20 अक्तूबर तक पांचवीं महिला रामलीला का आयोजन किया जाएगा। इसमें 108 से ज्यादा महिलाएं रामायण के अलग-अलग पात्रों का किरदार निभाएंगी।
इस रामलीला की एक खास बात यह भी है कि मंच पर 6 महीने की बच्ची से लेकर 83 साल की बुजुर्ग महिला तक शामिल होंगी। छात्राओं, गृहिणियों, शिक्षकों, वकीलों, सीए, आईटी विशेषज्ञों, कारोबारियों और नौकरीपेशा महिलाओं के साथ रिटायर्ड महिलाएं भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगी। इस आयोजन का उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे।
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इस बार क्या है खास?
इस महिला रामलीला का आयोजन ‘जड़ों से जुड़ो’ संस्था की ओर से किया जा रहा है। मंगलवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में कार्यक्रम का पोस्टर जारी किया गया। संस्था की संस्थापक एकता नागपाल ने बताया कि यह रामलीला साल 2022 में शुरू हुई थी और इस बार लगातार पांचवें साल इसका आयोजन किया जा रहा है। हर साल इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों की महिलाओं को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया जाता है। इस बार दिव्यांग बेटियों और तेजाब हमले से प्रभावित महिलाओं को भी रामलीला में हिस्सा लेने का अवसर दिया गया है।
महिला बनेगी राम
इस रामलीला की सबसे खास बात यह होगी कि महिलाएं सिर्फ महिला पात्रों की ही एक्टिंग नहीं करेंगी, बल्कि भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, रावण और हनुमान जैसे प्रमुख किरदार भी महिलाएं ही निभाएंगी। आयोजकों का कहना है कि इसका मकसद यह संदेश देना है कि किसी व्यक्ति की प्रतिभा उम्र, काम या लिंग की सीमा में बंधी नहीं होती। घर और नौकरी की जिम्मेदारियां संभालने वाली महिलाएं भी मंच पर आकर अपनी कला और आत्मविश्वास दिखा सकती हैं। इस आयोजन के जरिए महिला सशक्तिकरण के साथ समाज में समानता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।
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रामलीला में तकनीक का सहारा
इस बार रामलीला को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है। आयोजकों के मुताबिक मंच पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक, आधुनिक लाइटिंग, साउंड और विशेष डिजिटल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य रामायण की कहानी और उसके संदेश को आज की युवा पीढ़ी तक नए तरीके से पहुंचाना है। आयोजक इसे विश्व की पहली डिजिटल महिला रामलीला बता रहे हैं। रामायण की पारंपरिक कहानी के साथ तकनीक का इस्तेमाल इसे देखने वाले लोगों के लिए नया अनुभव हो सकता है। रामलीला का मंचन 11 से 20 अक्तूबर तक हर दिन रात 8 बजे से 11 बजे तक होगा।