संजय सिंह, पटना। बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर अब लगभग तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं और इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
विजय चौधरी ने स्पष्ट कहा है कि जैसे ही नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, उसके बाद उनका मुख्यमंत्री पद पर बने रहना संभव नहीं होगा। यानी शपथ के तुरंत बाद इस्तीफा तय माना जा रहा है। इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि सत्ता परिवर्तन अब सिर्फ औपचारिकता भर रह गया है।
खरमास खत्म, नई सरकार का रास्ता साफ
बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर शुभ मुहूर्त का खास ध्यान रखा जा रहा है। चौधरी ने संकेत दिया कि 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। भारतीय परंपरा में खरमास के दौरान बड़े और शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है, ऐसे में इसके खत्म होते ही राजनीतिक गतिविधियां निर्णायक मोड़ पर पहुंचेंगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे के लिए कैबिनेट बैठक जरूरी नहीं है। यानी नीतीश कुमार सीधे अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप सकते हैं।
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इस्तीफे के बाद एनडीए की निर्णायक बैठक
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अगला चरण एनडीए की बैठक का होगा। इस बैठक में सरकार गठन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। किन दलों को क्या जिम्मेदारी मिलेगी, कौन मुख्यमंत्री होगा और कौन उपमुख्यमंत्री इन सभी सवालों का जवाब इसी बैठक में तय होगा। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक इस बार सत्ता की कमान भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के हाथ में जाने की पूरी संभावना है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन संकेत साफ हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से ही होगा।
दिल्ली में तय होगी बिहार की बिसात
9 अप्रैल को दिल्ली में जेडीयू की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता शामिल होंगे। इस बैठक में सत्ता हस्तांतरण की पूरी रणनीति पर मुहर लग सकती है। बैठक में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि राज्यसभा शपथ के बाद नीतीश कुमार की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी हो सकती है। इस दौरान बिहार में नई सरकार की रूपरेखा और नेतृत्व को लेकर अंतिम रणनीति तैयार की जाएगी।
कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिहार की कमान किसे सौंपी जाएगी। इस पर विजय चौधरी ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि जिन-जिन नामों की चर्चा हो रही है, वे सभी रेस में हैं। यानी सस्पेंस अभी बरकरार है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी के अंदर कई दिग्गज चेहरे इस दौड़ में शामिल हैं और अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
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बदलाव तय, नाम पर सस्पेंस कायम
बिहार में सत्ता परिवर्तन अब तय माना जा रहा है। नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना और उसके बाद इस्तीफा देना लगभग निश्चित है। इसके साथ ही एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत होगी, जिसमें नेतृत्व बदल सकता है, लेकिन सियासी समीकरणों का संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब सबकी नजर शुभ मुहूर्त और दिल्ली में होने वाली बैठकों पर टिकी है, जहां से बिहार की राजनीति की नई पटकथा लिखी जाएगी।