कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के सरजापुर स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में मंगलवार शाम को भारी हंगामा और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। यह विवाद यूनिवर्सिटी के एक छात्र संगठन 'स्पार्क' (जो AISA से जुड़ा है) की ओर से आयोजित एक चर्चा कार्यक्रम की वजह से शुरू हुआ। इस कार्यक्रम का विषय 1991 की 'कुनान पोशपोरा' घटना थी, जो कश्मीर से जुड़ी है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने इस पर कड़ा एतराज जताया। उनका आरोप था कि यह कार्यक्रम 'देश विरोधी' है और इसमें भारतीय सेना की छवि को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। ABVP का दावा था कि इस चर्चा के जरिए कश्मीर को भारत से अलग करने और अलगाववाद जैसी विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा था।
मंगलवार, 24 फरवरी 2026 की शाम करीब 6:00 बजे, लगभग 20 से 25 बाहरी लोग (ABVP कार्यकर्ता) जबरन यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर घुस गए। प्रत्यक्षदर्शियों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, इन लोगों ने वहां लगे साइनबोर्ड और यूनिवर्सिटी के नाम वाली प्लेट पर काली स्याही पोत दी।
यह भी पढ़ें: ड्यूटी के दौरान महिला TTE बनाती थी रील, वायरल हुई वीडियो तो रेलवे ने लिया ऐक्शन
प्रदर्शनकारियों ने दीवारों पर ग्राफिटी बनाई और 'स्पार्क' ग्रुप को बैन करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कैंपस की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और बीच-बचाव करने आए कुछ सुरक्षा गार्डो और छात्रों के साथ मारपीट भी की गई।
यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार की शिकायत और कानूनी कार्रवाई
हंगामे के बाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ऋषिकेश बी.एस. ने पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने साफ कहा कि, 'हमें इस प्रोग्राम की कोई जानकारी नहीं थी और न ही स्पार्क रीडिंग सर्कल ने हमसे कोई अनुमति ली थी।' रजिस्ट्रार ने आरोप लगाया कि इस ग्रुप ने यूनिवर्सिटी के नाम का इस्तेमाल करके नफरत फैलाने वाले संदेश दिए।
यह भी पढ़ें: जमीन बेचकर पैसे जुटाए, परिवार ही नहीं रहा, चतरा प्लेन क्रैश की दर्दनाक कहानी
उनकी शिकायत पर सरजापुर पुलिस ने स्पार्क रीडिंग सर्कल के पदाधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कैंपस में सुरक्षा के लिए राज्य रिजर्व पुलिस बल (KSRP) की दो टुकड़ियां तैनात की गई हैं ताकि दोबारा हिंसा न हो।