पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान जिंदाबाद पोस्ट करने वाले आरोपी को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। पोस्ट करने वाले आरोपी फैजान को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आज हुई सुनवाई में हाइकोर्ट के जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की सिंगल-जज बेंच ने आरोपी की रिकॉर्ड में मौजूद चीजों को देखते हुए रिहाई के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर देश या किसी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट नहीं करेगा, वरना जमानत रद्द हो जाएगी।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद इंस्टाग्राम पर 'पाकिस्तान जिंदाबाद' पोस्ट करने पर फैजान की गिरफ्तारी हुई थी। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई की थी।
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हाईकोर्ट में क्या हुआ?
फैजान के वकील ने कोर्ट में बात करते हुए कहा कि सिर्फ किसी दुश्मन देश का समर्थन करना ही सेक्शन 152 बीएनएस के दायरे में नहीं आता है। यह मामला सेक्शन 196 बीएनएस के तहत आ सकता है जिसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट कर सकता है। इसमें अधिक से अधिक 3 से 5 साल की सजा हो सकती है। यूपी पुलिस ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी फैजान की जमानत याचिका का विरोध किया है।
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जमानत की क्या शर्तें तय की गईं हैं?
हाईकोर्ट ने पुलिस की दलीलों को खारिज करते हुए आरोपी को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है। कोर्ट ने ये भी कहा आरोपी मामले से संबंध किसी भी तथ्य को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेगा। पहलगाम हमले में आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर 26 लोगों को मार दिया था, इस आतंकी हमले की स्थानीय स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक आलोचना हुई थी। फैजान की ओर से वकील एनआई जाफरी ने हाईकोर्ट में पक्ष रखते हुए बीएनएस की धारा 152 का हवाला देते हुए कहा आरोपी ने भारत के लिए कोई अपमानजनक पोस्ट नहीं की थी।