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हैदराबाद के बाद बेंगलुरु में भी CJI के न्योते पर बवाल, छात्रों ने जताई आपत्ति

बेंगलुरु के NLSIU यूनिवर्सिटी के छात्रों ने CJI जस्टिस सूर्यकांत और BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को दीक्षांत समारोह में बुलाने पर आपत्ति जताई है।

After Hyderabad NALSAR Bengaluru NLSIU students Opposes CJI invitation

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, Photo Credit: ANI

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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के छात्रों ने आगामी दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई है। छात्रों का कहना है कि यह केवल दिक्षांत समारोह में किसी अतिथि को बुलाने का मामला नहीं है, बल्कि असहमति जताने और अपनी बात रखने की स्वतंत्रता से भी जुड़ा है।

 

NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने शनिवार को जारी एक पत्र में हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने BCI चेयरमैन की कार्रवाई और CJI के कार्यक्रम में शामिल होने के प्रस्ताव पर सवाल उठाए। छात्रों का कहना है कि देश के प्रमुख लॉ संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों से असहमति जताने पर अपने करियर को लेकर डर नहीं होना चाहिए।

 

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कहां से शुरू हुआ विवाद?

मामला सबसे पहले हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में सामने आया। यहां 2026 बैच के कुछ छात्रों ने दीक्षांत समारोह में जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी। छात्रों की आपत्ति दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस ज्यादती से जुड़ी याचिका की सुनवाई को लेकर CJI की टिप्पणी से संबंधित थी। आपको बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत के हवाले से कहा गया था, 'हमारा समय बर्बाद मत कीजिए।' हालांकि, बाद में उन्होंने साफ किया कि उन्होंने याचिका सुनने से इनकार नहीं किया था, बल्कि उसे उचित तरीके से दाखिल करने को कहा था।

BCI के आदेश पर भी बवाल

विवाद के बीच BCI ने राज्य बार काउंसिलों को NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का वकील के तौर पर नामांकन अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया था। आदेश में कहा गया था कि देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के प्रति सम्मान नहीं रखने वाले छात्र से जिम्मेदार वकील, शिक्षक या जज बनने की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस आदेश के बाद विवाद बढ़ गया। BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने बाद में कहा कि ज्यादातर छात्र निर्दोष हैं और कुछ छात्रों की गलती की सजा सभी को नहीं मिलनी चाहिए। इसके बाद BCI ने आदेश वापस ले लिया और मिश्रा ने छात्रों से माफी भी मांगी।

 

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NLSIU छात्रों ने मांगी बिना शर्त माफी

NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने BCI से NALSAR के छात्रों और शिक्षकों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि BCI की कार्रवाई छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाली थी। NLSIU और BCI के बीच लंबे समय से संस्थागत संबंध हैं। 2025 के NLSIU दीक्षांत समारोह में जस्टिस सूर्यकांत ने अध्यक्षता की थी जबकि मनन कुमार मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया था।


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