समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अखिलेश यादव
ने रविवार को राम मंदिर दान गबन मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर राजनीति और कारोबार किया जा रहा है तथा जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा और 2027 के विधानसभा चुनाव में बदलाव का दावा भी किया। इस दौरान उन्होंने मशहूर कहावत 'चोर-चोर मौसेरे भाई' को बदलकर 'चोर-चोर सौतेले भाई' कहा और इसी अंदाज में BJP पर तीखा तंज कसा।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा सनातन धर्म का सम्मान करती है लेकिन कुछ लोग धर्म के नाम पर सिर्फ अपना फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने BJP पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी का नाम बदलकर 'भाचपा' कर देना चाहिए, जिसका मतलब है 'चतुराई, चंदा, चोरी और चालबाजी पार्टी'। अखिलेश ने आरोप लगाया कि BJP के लिए अब 'नेशन फर्स्ट' नहीं, बल्कि 'डोनेशन फर्स्ट' सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
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इस दौरान उन्होंने मशहूर कहावत को बदलकर कहा, 'चोर चोर सौतेले भाई जिन्होंने चुराई राम की पाई। देखो जा रहा वो भाजपाई जिसने खाई राम की पाई'
राम मंदिर दान मामले पर साधा निशाना
SP प्रमुख ने राम मंदिर दान चोरी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि आस्था के नाम पर इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने दावा किया कि CCTV फुटेज में कई बार कैमरे बंद किए गए और कहा कि अब CCTV का मतलब 'चंदा चोरी' और 'चढ़ावा चोरी' हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान के नाम पर चढ़ाए गए दान में गड़बड़ी की खबरों से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
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अयोध्या, रोजगार और स्वास्थ्य पर सरकार को घेरा
मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
के अयोध्या जाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इटावा में शिव मंदिर का निर्माण पूरा होते ही वह भी भगवान राम के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि मुद्दा उनके अयोध्या जाने का नहीं है, बल्कि वहां सामने आई कथित गड़बड़ियों का है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि अगर अयोध्या जैसे धार्मिक स्थल पर भी इस तरह की अनियमितताएं हो सकती हैं तो बाकी सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की स्थिति का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।