आंध्र प्रदेश में राज्य चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 100 शहरी निकायों के चुनाव पर तुरंत रोक लगा दी है। इनमें 13 नगर निगम और 87 नगरपालिकाएं व नगर पंचायतें शामिल हैं। इन जगहों पर चुनाव कराने का ऐलान 14 अक्टूबर को किया गया था। उम्मीदवारों ने 16 से 18 अक्टूबर के बीच नामांकन भरा था, जिसके बाद 19 अक्टूबर को नामांकनों की जांच (स्क्रूटनी) की गई।
युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को हिंसा के जरिए नामांकन दाखिल करने से रोका गया। पार्टी ने कहा कि अगर चुनाव आयोग ने अभी उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी, तो 63 फीसदी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो जाएंगे। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि प्रत्याशियों की आखिरी लिस्ट 25 अक्टूबर तक जारी न करें।
राज्य चुनाव आयुक्त ने लगाई रोक
आंध्र प्रदेश के राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 100 शहरी निकायों के चुनाव की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगा दी है। इन चुनावों के लिए 14 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की गई थी।
देर शाम जारी आदेश में उन्होंने कहा कि 22 अक्टूबर तक जिला कलेक्टरों, जिला चुनाव अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव को लेकर आगे का आदेश जारी किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग (SEC) को निर्देश दिया है कि वह नगर निकाय चुनावों के उम्मीदवारों की अंतिम सूची 25 अक्टूबर तक जारी न करे। कोर्ट ने आयोग से यह भी कहा कि वह वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) और अन्य उम्मीदवारों की शिकायतों पर विचार करे। इसके लिए उन्हें दिए गए सबूतों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच करनी होगी। अगर राज्या चुनाव आयोग को लगता है कि कानून-व्यवस्था की समस्या के कारण कुछ उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर पाए, तो उसे नामांकन की आखिरी तारीख बढ़ाने पर फैसला लेना होगा।
कई उम्मीदवारों के साथ मारपीट, पर्चे छीनने का आरोप
पलनाडु जिले के माचेरला में बुधवार को वाईएसआर कांग्रेस के उम्मीदवारों पर हमले और उनके नामांकन पत्र छीनने का आरोप लगा था। पार्टी का कहना है कि उम्मीदवार मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (MPTC) की सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने मंडल कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की और नामांकन पत्र छीन लिया।
इसके अलावा, चित्तूर में आंध्र प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री के नारायण स्वामी पर जिला परिषद अध्यक्ष के कार्यालय के पास हमले की बातें भी सामने आईं, वह पेनुमुरु से जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (ZPTC) के लिए नामांकन दाखिल करने पहुंचे उम्मीदवार की मदद करने गए थे। YSRCP ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के कारण उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया।