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'रंगे' हाथ कैसे पकड़े जाते हैं घूसखोर अधिकारी? लेखपाल के वायरल वीडियो से समझिए

'रंगे' हाथ कैसे पकड़े जाते हैं घूसखोर अधिकारी? इसका एक नमूना उत्तर प्रदेश से सामने आई एक वीडियो में देखने को मिला है, जिसमें अधिकारियों ने लेखपाल को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।

Lekhpal Caught

रिश्वत लेते पकड़ा गया लेखपाल, Photo Credit: Social Media

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उत्तर प्रदेश के ललितपुर से रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़ा एक मामला सामने आया है और इस मामले की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। लेखपाल विपुल तिवारी को कथित तौर पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके ही आवास पर रंगे हाथ पकड़ा गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लेखपाल को रंगे हाथों पकड़ते हुए दिखाया गया है। 

 

बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम लेने के दौरान कार्रवाई हुई तो लेखपाल के घर में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि इसी बीच उनकी पत्नी ने रुपये अपने कब्जे में लेकर कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद कथित तौर पर गैस चूल्हे पर नोट जलाने की कोशिश की गई, ताकि रिश्वत की रकम को नष्ट किया जा सके और सबूत मिटाए जा सकें।

 

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ट्रैप बिछाकर पकड़ा

अक्सर आपने देखा होगा कि रिश्वत के मामलों में जांच एजेंसी ट्रैप बिछाकर रंगे हाथों पकड़ने की कोशिश करती है ताकि सबूत जुटाए जा सकें। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है। नोट जलाने की कथित कोशिश के बावजूद मामला खत्म नहीं हुआ। रिश्वत के नोटों पर विशेष रसायन लगाया गया था, जिसका इस्तेमाल भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई में संदिग्ध लेन-देन के सबूत जुटाने के लिए किया जाता है। ऐसे मामलों में रासायनिक निशान, बरामदगी और अन्य साक्ष्यों की जांच अहम भूमिका निभा सकती है। इस मामले में भी अधिकारियों ने सबूत के लिए यही तरीका अपनाया। 

कैसे होती है कार्रवाई?

आमतौर पर शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी आरोपों की शुरुआती जांच करती है। पर्याप्त आधार मिलने पर ट्रैप की योजना बनाई जा सकती है, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत देने की प्रक्रिया पर नजर रखी जाती है और तय संकेत या परिस्थितियों के आधार पर टीम कार्रवाई करती है। कुछ मामलों में नोटों पर विशेष रसायन लगाया जाता है। इसके बाद जब आरोपी नोट अपने हाथों में पकड़ता है तो उसके हाथों पर वह रसायन रह जाता है और जांच अधिकारी आरोपी के हाथ उसे पानी में डालते हैं। इसके बाद पानी का रंग बदल जाता है। 

 

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क्या है पूरा मामला?

इस मामले में  मनोज कुमार ने एंटी करप्शन टीम में शिकायत की थी कि जमीन संबंधी कार्रवाई में उसका कब्जा बरकरार रखने के नाम पर लेखपाल उससे रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप की योजना बनाई और लेखपाल के किराए के घर पर छापा मारा। मौके पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज और वीडियो को भी टीम ने अहम साक्ष्य के रूप में अपनी कार्रवाई में शामिल किया है। अभी अधिकारियों ने आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया है। 


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