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पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत, दफ्तर में लटकती मिली लाश

आशीष बनर्जी ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। वह कई बार विधायक रह चुके थे।

Asheesh Banerjee

आशीष बनर्जी। Photo Credit: AshishBanerjee/X

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पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनकी लाश पार्टी ऑफिस में लटकती मिली है। पुलिस के मुताबिक पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। रविवार सुबह ही उनकी लाश घर के पास पार्टी ऑफिस में लटकी हुई मिली है। 

आशीष बनर्जी की जहां मौत हुई है, वहीं एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। मौत का असली वजह पोस्टमॉर्टम के बाद ही सामने आ सकेगी। वह तृणमूल कांग्रेस के कई बार विधायक रहे हैं। वह अभी रामपुरहाट के पांच नंबर वार्ड के हाटतलापाड़ा में रहते थे। उनके घर से सटा ही उनका कार्यालय है।

खबर सामने आते ही तृणमूल कांग्रेस के कई कार्यकर्ता और आम लोग मौके पर पहुंच गए। वह पांच बार के विधायक रह चुके थे। 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में वह जीते थे। 2021 से डिप्टी स्पीकर का पद संभाला था।

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2026 विधानसभा चुनावों में मिली थी हार 

उनके पास कृषि मंत्री और बायोटेक्नोलॉजी विभाग की भी जिम्मेदारी रही है। साल 2026 के विधानसभा चुनाव में वह भारतीय जनता पार्टी के ध्रुव साहा से हार गए थे। कुछ समय पहले वे नव्य तृणमूल में शामिल हुए थे। अनुब्रत मंडल के साथ उनके अच्छे संबंध रहे थे। उनकी इस मौत से तृणमूल के दोनों खेमों में हैरानी फैली हुई है।

कौन थे आशीष बनर्जी?

आशीष बनर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में हुआ। उन्होंने वर्धमान विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा पूरी की। वहीं से पीएचडी की डिग्री भी ली। विश्वविद्यालय के दिनों में वे यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स काउंसिल के महासचिव चुने गए थे।

पढ़ाई पूरी करने के बाद वह वर्धमान विश्वविद्यालय से संबद्ध रामपुरहाट कॉलेज में बंगाली विषय के एसोसिएट प्रोफेसर बन गए।

आशीष बनर्जी, पूर्व डिप्टी स्पीकर बनने से पहले, 2017 से 2021 तक राज्य सरकार में कृषि विभाग के मंत्री रहे। रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से वह 5 बार विधायक चुने जा चुके हैं। साल 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में उन्हें लगातार जीत मिली।

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हिट थी राजनीतिक पारी

राजनीति में आने के बाद 2001 में पहली बार रामपुरहाट से विधायक चुने गए और उसके बाद लगातार चार बार और जीत हासिल की। 2014 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में उन्हें पहली बार राज्य मंत्री बनाया गया और आयुष विभाग का स्वतंत्र प्रभार दिया गया। उनके पास योजना विभाग भी रहा। साल 2017 में पूर्व कृषि मंत्री पूर्णेन्दु बोस की जगह पर वह पश्चिम बंगाल सरकार के कृषि मंत्री बने और 2021 तक इस पद पर रहे।


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