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असम के कार्बी आंगलोंग में बढ़ी हिंसा, इंटरनेट बंद, 8 घायल, धारा 163 लागू

असम के कार्बी आंगलोग में दो गुटों में झड़प हो गई जिसके बाद स्थिति को बद से बदतर होने से बचाने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट बंद कर दिया है।

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कार्बी आंगलोंग में तैनात पुलिसबल । Photo Credit: PTI

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असम के कार्बी आंगलोंग जिले के दो इलाकों में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। यह फैसला सोमवार को हुई हिंसा के बाद लिया गया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि अवैध कब्जे हटाने (एविक्शन ड्राइव) को लेकर दो गुटों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।

 

सोमवार को कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों और उनसे प्रभावित लोगों के बीच जमकर झड़प हुई। इस हिंसा में कम से कम आठ लोग घायल हो गए। पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। कई दुकानों को आग लगा दी गई, जिसकी वजह से लोग में और ज्यादा गुस्सा भर गया।

 

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भारी सुरक्षा बल तैनात

मंगलवार को स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए। असम पुलिस के आईजी (कानून व्यवस्था) अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के साथ शांति की बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा, 'एक पक्ष का इलाका खाली करा लिया गया है, दूसरा पक्ष भी जल्द खाली कराया जाएगा। एक मंत्री खुद लोगों की शिकायतें सुनने आए थे। लोगों से अपील है कि वे अपनी बात कानूनी तरीके से रखें। कोई भी कानून अपने हाथ में न ले। यहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।’

 

शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कार्बी आंगलोंग के जिला मजिस्ट्रेट निरोला फांगचोपी ने आदेश जारी किया है कि भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की जा रही है। यह धारा 22 दिसंबर से लागू है और आगे के आदेश तक रहेगी।

निजी वाहनों की आवाजाही बंद

इस धारा के तहत कई सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। पांच या उससे ज्यादा लोगों का एक साथ इकट्ठा होना पूरी तरह प्रतिबंधित है। शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक लोगों और निजी वाहनों की आवाजाही पर रोक है। रैलियां, जुलूस, मशाल जुलूस, धरना, प्रदर्शन करना बैन है।

 

इसके अलावा हथियार, पटाखे या कोई भी आग लगाने वाली चीजें ले जाना, भड़काऊ भाषण देना, पोस्टर या दीवार पर भड़काऊ लिखावट लगाना भी मना है। बिना अनुमति के लाउडस्पीकर या माइक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

इंटरनेट सेवा बंद

होम एंड पॉलिटिकल डिपार्टमेंट ने एक आदेश में कहा है कि इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद की गई हैं। इसका मकसद है कि कोई भी अफवाह या गलत जानकारी फैलकर स्थिति और खराब न हो। शांति और सुकून बनाए रखने के लिए यह जरूरी कदम उठाया गया है। यह प्रतिबंध तब तक रहेगा जब तक आगे कोई नया आदेश नहीं आता। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और अपनी शिकायतें कानूनी तरीके से ही उठाएं। 

 

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अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी और दोनों पक्षों के बीच बातचीत से हल निकलेगा। यह पूरा मामला असम में आदिवासी इलाकों से गैर-आदिवासी लोगों को हटाने से जुड़ा है, जिसे लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि कानून का रास्ता अपनाकर ही इस विवाद को सुलझाया जाए।

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