उत्तर प्रदेश के जिला बागपत में खाद्य एवं रसद विभाग में भ्रष्टाचार और सरकारी राशन की बर्बादी का गंभीर मामला सामने आया है। राशन से भरे ट्रक को छोड़ने के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है। आरोप है कि रिश्वत की रकम नहीं मिलने पर अधिकारी ने राशन से लदे ट्रक को सीज कर सिंघावली अहीर थाने में खड़ा करा दिया। कई सप्ताह तक खुले आसमान के नीचे खड़े ट्रक में रखा करीब 90 से 95 क्विंटल चावल बारिश में भीगकर सड़ गया। मामले में मोबाइल फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग अहम साक्ष्य बनी। अब खराब हुए सरकारी राशन की वसूली भी निलंबित पूर्ति निरीक्षक से किए जाने की तैयारी है।
पूरा मामला मेरठ के मलियाना निवासी ब्रह्मजीत सिंह से जुड़ा है। वह एक परिवहन कंपनी के प्रतिनिधि हैं, जो मेरठ, गाजियाबाद और बागपत समेत तीन जिलों में सरकारी गोदामों से उचित दर विक्रेताओं तक राशन पहुंचाने का काम करती है।जानकारी के मुताबिक, अगस्त महीने में विभाग की ओर से ब्रह्मजीत सिंह को 293 क्विंटल राशन की ढुलाई करने की सूची दी गई थी। जबकि कंपनी के ट्रकों की क्षमता महज 250 क्विंटल थी। इस वजह से राशन की पूरी मात्रा एक साथ ले जाना संभव नहीं था।
ऐसी स्थिति में बिलौचपुरा के राशन डीलर इलमचंद का खाद्यान्न दूसरी छोटी गाड़ी से भिजवाया गया। इसकी ऑफलाइन रसीद भी ले ली गई थी। इसी बीच कंपनी का दूसरा ट्रक अहैड़ा गांव स्थित सरकारी गोदाम से गेहूं और चावल लादकर राशन डीलरों तक पहुंचाने के लिए निकला था।
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डौला धर्मकांटे पर अकेले मिलने बुलाया
आरोप है कि रास्ते में पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने राशन से लदे ट्रक को रोक लिया। ट्रक चालक ने कंपनी के प्रतिनिधि ब्रह्मजीत सिंह से फोन पर अधिकारी की बातचीत कराई। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक ने उन्हें बागपत के डौला स्थित धर्मकांटे पर अकेले मिलने के लिए बुलाया।ब्रह्मजीत सिंह के मुताबिक, अधिकारी ने बातचीत के दौरान किसी अन्य व्यक्ति को फोन नहीं कराने और सीधे मिलने की बात कही। इस दौरान उन्होंने पूरी बातचीत अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली।आरोप है कि धर्मकांटे पर मुलाकात के दौरान ट्रक छोड़ने के बदले दो लाख रुपये की मांग की गई। रकम नहीं मिलने पर अधिकारी ने ट्रक में चावल कम होने का आरोप लगाया और गाड़ी नंबर 3475 को सीज कराकर सिंघावली अहीर थाने में खड़ा करा दिया।
शिकायत के बाद जांच में सही पाया गया राशन
ट्रक को सीज किए जाने के बाद परिवहन कंपनी के प्रतिनिधि ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से मामले की जांच कराई गई।जांच में ट्रक में लदा राशन सही पाया गया। इसके बावजूद ट्रक को थाने में खड़ा रखा गया। सरकारी खाद्यान्न से लदा वाहन कई सप्ताह तक खुले आसमान के नीचे पड़ा रहा। इस दौरान बारिश होने से उसमें रखा करीब 90 से 95 क्विंटल चावल खराब हो गया।इस पूरे घटनाक्रम में सरकारी राशन की सुरक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस खाद्यान्न को राशन कार्डधारकों तक पहुंचाया जाना था, वह कथित कार्रवाई और लापरवाही के चलते बर्बाद हो गया।
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डीएम की संस्तुति पर शासन ने किया निलंबित
मामले की जांच के दौरान पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार सिंह और गोदाम के डिस्पैच अधिकारी की लापरवाही सामने आई। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई। जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद शासन ने पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार सिंह को निलंबित कर दिया।जिला पूर्ति अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि परिवहन ठेकेदार के प्रतिनिधि से रुपये मांगने के मामले में उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी रिपोर्ट के साथ उपलब्ध कराई गई थी। उसी के आधार पर शासन ने निलंबन की कार्रवाई की है।मामले में खराब हुए सरकारी राशन की वसूली निलंबित पूर्ति निरीक्षक से किए जाने की बात भी सामने आई है। इस कार्रवाई के बाद बागपत के पूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार और सरकारी खाद्यान्न की बर्बादी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।