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बेंगलुरु की जेल में वार्डन पर हमला, 5 कैदियों ने की गला घोंटने की कोशिश

बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल में पांच विचाराधीन कैदियों पर वार्डन पर हमला करने और गला घोंटने की कोशिश करने का आरोप लगा है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। (Photo Credit- Gemini)

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कर्नाटक के बेंगलुरु की परप्पन अग्रहारा केंद्रीय जेल में पांच विचाराधीन कैदियों ने वार्डन पर कथित तौर पर हमला किया। आरोप है कि कैदियों ने वार्डन को घसीटकर एक कमरे में ले गए और उनका गला घोंटने की कोशिश की। जेल के दूसरे कर्मचारियों ने समय रहते पहुंचकर वार्डन को बचा लिया।

 

पुलिस ने शनिवार को इस मामले की जानकारी दी। घटना 2 सितंबर की बताई जा रही है। मामले में पांचों कैदियों के खिलाफ हत्या की कोशिश, हमला और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

 

पुलिस के मुताबिक ये पांचों कैदी बजरंग दल के पूर्व कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। जेल के नियमों को लेकर पहले हुए विवाद के बाद 2 सितंबर को वार्डन मंजूनाथ हावेली पर कथित तौर पर हमला किया गया था।

 

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वार्डन पर किया हमला

पुलिस के अनुसार 2 सितंबर को सुबह 10 बजकर 5 मिनट पर वार्डन मंजूनाथ हावेली एक तय ऑनलाइन बैठक के लिए एक कैदी के बारे में जानकारी लेने जेल के ‘ब्लॉक-1’ में गए थे। इसी दौरान आरोपी मोहम्मद मुशामिर ने कथित तौर पर वार्डन से गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

 

इसके बाद मुशामिर ने कथित तौर पर वार्डन के चेहरे पर हमला कर दिया। तभी चार अन्य विचाराधीन कैदी अब्दुल शफगान, मोहम्मद रिजवान, नियाज और कलंदर शफी भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि चारों ने वार्डन को घसीटकर एक कमरे में ले गए और उनका गला घोंटने की कोशिश की।

 

जेल के दूसरे कर्मचारियों ने समय पर पहुंचकर वार्डन को बचाया। पुलिस ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या की कोशिश, हमला और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि मुशामिर को सुरक्षा अनुभाग से ‘ब्लॉक-1’ में भेजा गया था।

 

जेल के अंदर अतिरिक्त सामान ले जाने से रोके जाने के कारण वह वार्डन से नाराज था। पुलिस का कहना है कि इसी वजह से उसके मन में वार्डन के खिलाफ रंजिश थी। पुलिस ने बताया कि अदालत से अनुमति मिलने के बाद पांचों आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।

 

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जेल में ज्यादा कैदी

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने कलबुर्गी में इस घटना को लेकर पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि वह मामले की पूरी जानकारी मांगेंगे और इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि उन्हें अभी घटना की पूरी जानकारी नहीं मिली है। वह पता लगाएंगे कि हमला क्यों हुआ और असल में क्या हुआ।

 

प्रियांक खरगे ने कहा ने कहा कुछ कैदियों में मानसिक और व्यवहार से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जेल विभाग कैदियों को समय-समय पर काउंसलिंग देता है। हिंसक व्यवहार को रोकने के लिए भी कदम उठाए जाते हैं।

 

मंत्री ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर. हितेंद्र की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति ने जेल सुधारों को लेकर रिपोर्ट दी है। इसमें जेलों में निगरानी बढ़ाने, कैदियों की मानसिक स्थिति के आधार पर उनकी ग्रेडिंग करने और उनकी स्थिति के हिसाब से उन्हें जेल में रखने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

 

प्रियांक खरगे ने कुछ कैदियों में नशे की लत का भी जिक्र किया। उन्होंने कह, 'कई मामलों में नशा नहीं मिलने पर कैदी अलग तरह का व्यवहार करने लगते हैं। यह हमेशा हिंसक नहीं होता लेकिन कुछ कैदी खुद को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।' मंत्री ने कहा कि वार्डन पर हुए हमले की वजह की भी जांच की जाएगी। 

 

उन्होंने बताया कि राज्य की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी हैं। खासकर परप्पन अग्रहारा जेल में करीब 4,500 कैदी हैं। जेल सुधारों को लेकर बनी समिति ने तेलंगाना, तमिलनाडु और तिहाड़ समेत दूसरी जेलों का भी दौरा किया है। प्रियांक खरगे ने कहा कि सिफारिशों पर अंतिम फैसला लेने से पहले अगले महीने वह खुद एक या दो सुधार गृहों का दौरा करने की योजना बना रहे हैं।


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