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चर्चा में भाई वीरेंद्र, अबकी RJD में ला दिया भूचाल; पार्टी प्रवक्ता को ही घेरा

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र चर्चा में है। अबकी बार उन्होंने पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन पर वसूली समेत गंभीर आरोप लगाए हैं।

MLA Bhai Virendra

तेजस्वी यादव और भाई वीरेंद्र। (Photo Credit: FB//iBhaiVirendra)

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बिहार में राजद की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। बांकीपुर उपचुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद अब वरिष्ठ नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव पर सीधे तौर पर हमला बोलते हुए वसूली और पैसे लेकर मुलाकात कराने जैसे गंभीर आरोप लगा दिए। साथ ही सार्वजनिक तौर पर चेतावनी भी दे डाली कि अगर उन्होंने मुंह खोला तो शक्ति यादव चेहरा दिखाने लायक नहीं रहेंगे। 

 

भाई वीरेंद्र का यह बयान सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में आग की तरह फैल गया है। इसे महज दो नेताओं की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि राजद के भीतर बढ़ते असंतोष की बड़ी अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।

 

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'जब तुम्हारी राजनीति शुरू नहीं हुई थी तब से हूं विधायक'  

भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए शक्ति यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, खामोश! भाई वीरेंद्र लोकदल का आदमी रहा है। जब तुम्हारी राजनीति में कोई पैदाइश नहीं थी, तब से भाई वीरेंद्र राजनीति कर रहा है। 2010 में भी विधायक था, कई लोग बदल गए लेकिन भाई वीरेंद्र नहीं बदला। आज भी विधायक हूं। इस बयान के जरिए उन्होंने खुद को पार्टी का पुराना और समर्पित नेता बताते हुए शक्ति यादव की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई पार्टी के सिद्धांतों और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए है।

तेजस्वी का नाम बेचकर वसूली करते हो: भाई वीरेंद्र

भाई वीरेंद्र ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में कुछ लोग नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नाम का इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं राजनीति तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कर रहा हूं और तुम लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर लोगों से माल वसूलने का काम करते हो। पैसा लेकर मुलाकात करवाने का काम करते हो। इसलिए खामोश रहो।


उन्होंने आगे कहा कि मैं लालू यादव-तेजस्वी यादव का आदमी हूं। किसी ऐसे लोगों का आदमी नहीं हो सकता, जो गलत धंधे करते हैं। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या सबूत सार्वजनिक नहीं किया। लेकिन इस बयान ने पार्टी के भीतर खलबली मचा दी है। भाई वीरेंद्र यहीं नहीं रुके। उन्होंने शक्ति यादव को खुली चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, यदि तुम्हारी बात और करतूत को सार्वजनिक करूंगा तो तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। 

 

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उपचुनाव के बाद बढ़ा असंतोष 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव में राजद के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर रणनीति, टिकट बंटवारे और संगठन को लेकर नाराजगी बढ़ी है। भाई वीरेंद्र का यह सार्वजनिक हमला उसी नाराजगी का नतीजा माना जा रहा है। पार्टी में पहले भी गुटबाजी की खबरें आती रही हैं, लेकिन इस बार मामला अलग है, क्योंकि आरोप सीधे पार्टी के मुख्य प्रवक्ता पर लगे हैं। 

 

मुख्य प्रवक्ता पार्टी की छवि का चेहरा होता है। ऐसे में इस तरह के आरोप से राजद की साख पर असर पड़ सकता है। समाचार लिखे जाने तक शक्ति यादव की ओर से भाई वीरेंद्र के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद या नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मामले पर अब तक चुप्पी साध रखी है।


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