'मेरे पति दूसरी औरत के साथ रह रहे हैं...', भानवी सिंह ने राजा भैया पर लगाए आरोप
रघुराज प्रताप सिंह की पत्नी भानवी सिंह ने उन पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार बेटियां होने पर वह वंश चलाने के लिए दूसरी शादी की योजना बना रहे थे। पढ़िए रिपोर्ट।

भानवी सिंह। Photo Credit: ANI
उत्तर प्रदेश की कुंडा विधानसभा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके पति दूसरी औरत के साथ रह रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वह हक की लड़ाई लड़ रहीं हैं और शौकिया तौर पर अपने पति के खिलाफ अदालत का रुख नहीं किया है। उन्होंने राजा भैया पर उत्पीड़न के कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राजा भैया ने उन पर बेटियां पैदा होने की वजह से दबाव बनाया और कहा कि वह दूसरी शादी करेंगे, अगर बेटा नहीं हुआ तो वंश नहीं चलेगा। भानवी सिंह ने कहा कि वह मुंबई अपना इलाज कराने गईं फिर दो बेटे हुए। भानवी सिंह ने कहा है कि राजा भैया हर तरफ से उन पर दबाव बना रहे हैं, कानूनी लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। भानवी सिंह पहली बार मीडिया के सामने इस तरह से खुलकर बोलीं हैं।
भानवी सिंह ने कहा, 'मैं अपने हक की लड़ाई लड़ रही हूं। बहुत मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा है। हमको शौक नहीं था। एक लड़की का जन्म होता है, बड़ी होती है तो यही सुनते बड़ी होती है कि लड़की पराया धन होती है, उसे दूसरे के घर जाना होता है। 20 साल की उम्र में उसकी शादी होती है, पर्दा प्रथा करती है, अपने ससुराल के खांचे में खुद को ढाल लेती है। वह तीन बेटियों को जन्म देती है और उसे बताया जाता है कि क्योंकि वह बेटा पैदा नहीं कर पाई, इसलिए उसके पति को दूसरी शादी करनी पड़ेगी, क्योंकि वंश कैसे आगे बढ़ेगा।'
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भानवी सिंह ने कहा, 'फिर एक लड़की इलाज के लिए मुंबई जाती है और बाद में परिवार की वंश परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए दो बेटों को जन्म देती है। दूसरी औरतें घर में आने लगती हैं। वह दूसरी महिलाओं के घर में आने पर विरोध करती है, तो उसे बहुत ज्यादा घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ता है और उसका इलाज भी नहीं होने दिया जाता। कल की अखबार की सुर्खियां न बनें, घर में ट्रीटमेंट होता है। बच्चों का भविष्य मां से नहीं पिता से होता है।'
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'अकेली महिला नहीं जिसे बर्दाश्त करना पड़ रहा है'
भानवी सिंह ने कहा, 'मैं ही नहीं अकेली महिला हूं जो बर्दाश्त कर रही है। मेरे जैसी बहुत सी महिलाएं हैं जो चुपचाप यह सब सहती हैं। अपने पूर्वजों के लिए घर की मर्यादा के लिए चुप रहती हैं। बहुत कुछ सहना पड़ता है एक औरत को। फिर गोली चलती है वह चुप रहती है। फिर उसकी प्रॉपर्टी को उसके नौकरों, ड्राइवर, कुक और अनजान आदमियों के नाम ट्रांसफर करने के लिए उसके जाली दस्तखत किए जाते हैं। ताकी उसके पास कुछ भी न बचे। फिर उसके खिलाफ तलाक का केस दायर किया जाता है, कई झूठे आरोप लगाए जाते हैं, दिल्ली, लखनऊ, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा झूठी चार्जशीट और FIR दर्ज की जाती हैं। वह औरत उलझती जाती है, टूटती जाती है, तलाक देने का दबाव बनाया जाता है, हम टूटे नहीं हैं। हमें भरोसा है कि न्याय जरूर मिलेगा।'
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भानवी सिंह, रघुराज प्रताप सिंह की पत्नी:-
मेरे पति दूसरी महिला के साथ रह रहे हैं। यह बहुत गलत है कि पति दूसरी औरत के साथ घर में रहना शुरू कर दे, तकाल के लिए दबाव बनाए। मेरी सासू मां भी परेशान हैं। उनको भी बुढ़ापे में घर छोड़कर जाना पड़ता है। हमारा डीडी स्टे पर था। महिला कोर्ट में केस चलेगा या महिला कोर्ट में यह तय नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने मेरे पक्ष में फैसला दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ने भानवी सिंह बनाम रघुराज प्रताप सिंह विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि वह चार महीने के अंदर भानवी सिंह की याचिका पर फैसला सुनाए। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, उत्तर प्रदेश की कुंडा विधानसभा सीट से विधायक हैं। यह याचिका घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत जारी समन पर हाई कोर्ट के स्टे के खिलाफ खिलाफ दायर की गई है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भूयान की पीठ ने भानवी सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया। बेंच ने कहा कि मामला फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
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जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी की, 'हाई कोर्ट में इस मामले का शीघ्र निपटारा होना चाहिए। उस दिन याचिकाकर्ता शीघ्र सुनवाई की मांग कर सकती हैं। पत्नी की ओर से लगाए गए आरोपों के तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा। जब मामला लंबित है तो हम कैसे हस्तक्षेप करें? यह 2024 का मामला है। हम किसी खास समय-सीमा में नहीं कह सकते, लेकिन आज से चार महीने के अंदर फैसला हो। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत अंतरिम राहत को रोक दिया है।'
क्यों सुप्रीम कोर्ट आईं थीं भानवी सिंह?
भानवी सिंह ने निचली अदालत की ओर से राजा भैया के खिलाफ जारी समन को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश में उस समन पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भानवी सिंह सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, जहां कोर्ट ने हाई कोर्ट को ही मामले का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने यह भी कहा है कि चार महीने की समय-सीमा इसलिए दी गई है क्योंकि हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के समन पर रोक लगाई हुई है, जिससे मामले में देरी हो रही है। हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी। भानवी सिंह ने अपनी शिकायत में राजा भैया पर लंबे समय से शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
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