logo

मूड

ट्रेंडिंग:

MP सुधाकर सिंह को हिरासत में लेने का मामला लोकसभा स्पीकर के पास पहुंचा, जवाब तलब

बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह को नवादा पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है। सांसद ने अपनी हिरासत की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की है।

सुधाकर सिंह

सुधाकर सिंह, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

बिहार के बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह को नवादा पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है। सांसद ने अपनी हिरासत की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की है। लोकसभा अध्यक्ष ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इस मामले में नवादा के डीएम और एसपी पर भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है।

 

राजनीतिक गलियारों में इस मामले की खूब चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि सांसद ने पिछले दिनों बिहार के एडीजी कुंदन कृष्णन के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अवैध संपत्ति बनाने का आरोप लगाया था। इसके कुछ दिन बाद ही उन्हें नवादा में हिरासत में ले लिया गया। इसी को लेकर अब सियासत गरमा गई है।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल में महिलाओं को सौगात, अगले महीने से मिलेंगे 1500 रुपये: CM का एलान

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि बक्सर सांसद सुधाकर सिंह पिछले दिनों नवादा गए हुए थे। वहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। सांसद का कहना है कि उन्हें बिना किसी ठोस कारण के हिरासत में रखा गया। यह एक जनप्रतिनिधि का अपमान है। सांसद के समर्थकों का कहना है कि सुधाकर नवादा में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया और थाने ले गई। काफी देर तक उन्हें थाने में बैठाकर रखा गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बढ़ा विवाद

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि सुधाकर ने पिछले दिनों बिहार के एडीजी कुंदन कृष्णन के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एडीजी पर अवैध संपत्ति बनाने का गंभीर आरोप लगाया था। सांसद ने आरोप लगाया था कि एक बड़े पुलिस अधिकारी ने अपनी आय से अधिक संपत्ति बनाई है। उन्होंने इसकी जांच की मांग की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही सियासी हलकों में हलचल मच गई थी। अब सांसद को हिरासत में लिए जाने को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष से की शिकायत

हिरासत में लिए जाने के बाद सांसद सुधाकर सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की। उन्होंने लिखित में पूरी घटना की जानकारी दी। सांसद ने अपनी शिकायत में कहा है कि एक सांसद के साथ पुलिस का ऐसा व्यवहार लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। सांसदों को विशेषाधिकार प्राप्त है। पुलिस को इस तरह की कार्रवाई करने से पहले नियमों का पालन करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया गया।

 

सांसद की शिकायत पर लोकसभा अध्यक्ष ने बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। लोकसभा सचिवालय की ओर से मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि सांसद को हिरासत में लिए जाने की पूरी जानकारी दी जाए। किस आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया, इसकी भी जानकारी मांगी गई है। मुख्य सचिव को जल्द ही जवाब देने को कहा गया है।

डीएम-एसपी पर भी हो सकती है कार्रवाई

इस मामले में नवादा के डीएम और एसपी पर भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में यह पाया गया कि सांसद को बिना वजह हिरासत में लिया गया था, तो दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश के बाद बिहार सरकार भी इस मामले को लेकर गंभीर हो गई है। इस मामले के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार सांसदों की आवाज दबाना चाहती है। वहीं, सत्तापक्ष का कहना है कि पुलिस ने नियम के अनुसार कार्रवाई की है। मामले की जांच हो रही है।

 

यह भी पढ़ें: 'विपक्षी बकैती करें तो तुम महाबकैती करो', समर्थकों को BJP विधायक की सलाह

सुधाकर सिंह का बयान

सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा सच की आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि वे किसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि एक अधिकारी अवैध संपत्ति बनाता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सांसद को हिरासत में लिए जाने से उनके समर्थकों में आक्रोश है। बक्सर और नवादा में समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। समर्थकों ने कहा कि सांसद के साथ गलत व्यवहार किया गया। समर्थकों ने मांग की है कि दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

क्या कहती है पुलिस?

नवादा पुलिस का कहना है कि सांसद को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत में लिया गया था। पुलिस का कहना है कि वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, इसलिए एहतियात के तौर पर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस ने कहा कि सांसद को कुछ देर बाद छोड़ दिया गया था। अब सबकी नजर मुख्य सचिव के जवाब पर टिकी हुई है। मुख्य सचिव के जवाब के बाद ही पता चलेगा कि सांसद को हिरासत में क्यों लिया गया था। यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो लोकसभा अध्यक्ष इस मामले में आगे की कार्रवाई कर सकते हैं। फिलहाल इस मामले ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है।

Related Topic:#bihar news

और पढ़ें