NEET
पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बीच बिहार में आज 25 जुलाई 2026 को 'बिहार बंद' बुलाया गया है। इस दौरान राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में जबरदस्त हंगामा हुआ। गांधी मैदान से लेकर डाकबंगला तक छात्रों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। इस दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, कई छात्रों हिरासत में लिए गए हैं। स्थिति तब बिगड़ गई जब सिवान में कुछ प्रदर्शनकारियों ने एसपी पर ही पथराव कर दिया। इसमें एसपी पुराण कुमार झा घायल हो गए।
स्थिति पर काबू पाने और भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और फायरिंग भी करनी पड़ी। बता दें कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यभर में 70 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है।
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हिरासत में लिए गए छात्र
पटना में गांधी मैदान स्थित गेट नंबर-10 के पास करीब 10 से 15 छात्र हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन के लिए जुटे थे। जैसे ही मीडिया की टीम कवरेज के लिए पहुंची और कैमरा ऑन हुआ, वैसे ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और सभी छात्रों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने वहां मौजूद कुछ यूट्यूब क्रिएटर्स को भी हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, बिना अनुमति प्रदर्शन और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई।
डाकबंगला पर लाठीचार्ज
वहीं पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस के समझाने के बावजूद छात्र नहीं माने और पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई छात्रों को हिरासत में लिया। पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
सिवान में पुलिस को करनी पड़ी हवाई फायरिंग
बिहार बंद का सबसे ज्यादा असर सिवान में दिखा। यहां प्रदर्शनकारियों ने सुबह से ही गांधी मैदान और जेपी चौक पर जुटना शुरू कर दिया था। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया। छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में सिवान के एसपी पुराण कुमार झा बुरी तरह घायल हो गए। कई पत्रकारों को भी चोटें आई हैं। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
इसके बाद भी जब छात्र नहीं माने तो पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस ने कई राउंड फायर किए। इसके बाद जाकर भीड़ को तितर-बितर किया जा सका। अभी भी सिवान के कई इलाकों में तनाव बना हुआ है। पुलिस जगह-जगह आंसू गैस छोड़कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ रही है।
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पूरे राज्य में 70 हजार पुलिसकर्मी तैनात
प्रशासन पहले से ही अलर्ट था, इसको लेकर पटना समेत सभी जिलों में जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जिन लोगों ने हिंसा और तोड़फोड़ की है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
छात्र संगठनों की क्या है मांग?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि नीट पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक शिक्षा मंत्री ने अपना इस्तीफा दे दिया है।
प्रशासन ने साफ कर दिया था कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की इजाजत है, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी पूरे राज्य में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहे हैं।