बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में चौतरवा थाना क्षेत्र स्थित एक ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में पुलिस ने छापेमारी कर उत्तर प्रदेश की दो नाबालिग बालिकाओं को बरामद किया है। डायल-112 पर मिली सूचना के बाद की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा संचालक को गिरफ्तार कर लिया। मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसपी राजेश कुमार ने बताया कि डायल-112 के जरिए सूचना मिली थी कि चौतरवा थाना क्षेत्र के परी हंगामा ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में नाबालिग बालिकाएं मौजूद हैं और उनसे काम कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ऑर्केस्ट्रा परिसर की घेराबंदी कर छापेमारी की। इस दौरान दोनों नाबालिगों को बरामद किया गया। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने खुद को उत्तर प्रदेश की रहने वाली बताया है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा संचालक को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार संचालक की पहचान चैनपुर पतिलार निवासी अनमोल यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने मानव व्यापार निरोध इकाई, बगहा की टीम को भी मौके पर बुलाया। इकाई की टीम ने संचालक और अन्य लोगों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की कि दोनों नाबालिग बालिकाएं ऑर्केस्ट्रा ग्रुप तक कैसे पहुंचीं और उनसे किस तरह का काम कराया जा रहा था। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर चौतरवा थाना में कांड दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसमें भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के साथ किशोर न्याय अधिनियम, बाल एवं किशोर श्रम निषेध अधिनियम और पॉक्सो अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं। नामजद आरोपी ऑर्केस्ट्रा संचालक अनमोल यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिनके जरिए नाबालिगों को ऑर्केस्ट्रा तक लाया गया था।
नाबालिगों के शोषण पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद दोनों नाबालिग बालिकाओं से संबंधित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बाल कल्याण समिति और अन्य संबंधित विभागों की मदद से बालिकाओं को सुरक्षित रखने और आगे की कार्रवाई के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बालिकाओं को यूपी से बगहा कौन लाया और इसके पीछे कितना बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
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एसपी राजेश कुमार ने कहा कि नाबालिगों से काम कराना और उनका शोषण करना गंभीर अपराध है। इस तरह की घटनाओं पर पुलिस की नजर है। अगर किसी ऑर्केस्ट्रा या अन्य प्रतिष्ठान में नाबालिगों को काम पर रखा जाता है तो संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि आसपास किसी नाबालिग के शोषण की जानकारी मिले तो तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने को सूचना दें। छापेमारी टीम में चौतरवा थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार, डायल-112 के पुलिस अवर निरीक्षक संजय गोंड और मानव व्यापार निरोध इकाई के अधिकारी शामिल थे। पुलिस टीम ने ऑर्केस्ट्रा परिसर से कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं जिनकी जांच की जा रही है।