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डाक पार्सल वैन से कर रहे थे शराब की तस्करी, बक्सर में 10 लाख की खेप बरामद

बक्सर में डाक पार्सल वैन से 844 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। उत्पाद विभाग ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर गाड़ी जब्त कर ली।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Gemini

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बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तस्कर शराब की तस्करी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला बक्सर जिले का है जहां डाक पार्सल के नाम पर शराब की बड़ी खेप लाई जा रही थी। उत्पाद विभाग की सतर्कता से तस्करों की यह कोशिश पकड़ी गई।

 

उत्पाद विभाग ने वीर कुंवर सिंह सेतु ऊपरी पुल चेक पोस्ट पर कार्रवाई की है। बुधवार शाम वाहन जांच के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने डाक पार्सल लिखी एक गाड़ी को संदिग्ध हालत में रोका। अवर निरीक्षक प्रिंस कुमार के नेतृत्व में हुई जांच में गाड़ी से बड़ी मात्रा में हरियाणा निर्मित विदेशी शराब बरामद हुई। टीम ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

 

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95 कार्टन में मिली शराब

उत्पाद विभाग के अनुसार, गाड़ी से 95 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई है। इसमें कुल 844.20 लीटर शराब थी जिसकी बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। सभी कार्टन गाड़ी के अंदर छिपाकर रखे गए थे। गाड़ी के ऊपर डाक पार्सल का स्टीकर लगा था ताकि किसी को शक न हो। अवर निरीक्षक ने बताया कि शाम के समय वीर कुंवर सिंह सेतु ऊपरी पुल चेक पोस्ट पर वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान यूपी की तरफ से आ रही एक बंद बॉडी वाली गाड़ी पर टीम की नजर पड़ी। गाड़ी पर डाक पार्सल लिखा हुआ था। उसकी रफ्तार देखकर टीम को शक हुआ और उसे रोकने का इशारा किया गया।

 

बताया गया कि चालक ने पहले गाड़ी भगाने की कोशिश की लेकिन उत्पाद विभाग की टीम ने घेराबंदी कर उसे रोक लिया। गाड़ी की तलाशी लेने पर अंदर शराब के कार्टन मिले। गाड़ी में डाक पार्सल के सामान की जगह शराब की खेप छिपाकर रखी गई थी। टीम ने गाड़ी में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने बताया कि शराब की खेप जालंधर से पूर्णिया ले जाई जा रही थी। डाक पार्सल वैन के नाम पर शराब ले जाई जा रही थी ताकि पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचा जा सके।

 

गिरफ्तार तस्करों की पहचान की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि दोनों हरियाणा और पंजाब के रहने वाले हैं। उत्पाद विभाग ने दोनों को गिरफ्तार कर गाड़ी जब्त कर ली है। उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बरामद शराब को उत्पाद विभाग के गोदाम में रखा गया है।

 

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डाक पार्सल के नाम पर कर रहे थे तस्करी

बताया जा रहा है कि बिहार में शराबबंदी के बाद तस्कर शराब पहुंचाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। कभी एंबुलेंस, कभी दूध के टैंकर, कभी सब्जी की गाड़ी और अब डाक पार्सल वैन के नाम पर शराब ले जाने के मामले सामने आ रहे हैं। बक्सर बॉर्डर से सटा होने के कारण यहां शराब तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं। यूपी से बिहार में शराब लाई जाती है। उत्पाद विभाग की टीम ने बताया कि वीर कुंवर सिंह सेतु पर लगातार वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक महीने में कई बड़ी खेप पकड़ी गई हैं।

 

तस्कर अब डाक पार्सल, कूरियर और ऑनलाइन डिलीवरी वैन के नाम पर भी शराब ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। उत्पाद विभाग की सतर्कता से उनकी कोशिशों को पकड़ा जा रहा है। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई किसी गुप्त सूचना के आधार पर नहीं बल्कि नियमित वाहन जांच के दौरान की गई है। टीम की सतर्कता से शराब की इतनी बड़ी खेप पकड़ी गई।

 

पूछताछ में तस्करों ने बताया कि शराब की खेप जालंधर से पूर्णिया ले जाई जा रही थी। इससे पुलिस और उत्पाद विभाग को तस्करी के नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली है। जालंधर से शराब लेकर यूपी के रास्ते बिहार के सीमांचल तक खेप पहुंचाई जा रही थी। उत्पाद विभाग अब इस नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रहा है। पूर्णिया में शराब की खेप किसे दी जानी थी इसकी भी जांच की जा रही है। दोनों तस्करों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और उनकी कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।


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