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थम नहीं रहा साइबर क्राइम, बिहार में 2 करोड़ फ्रॉड का भंडाफोड़

बिहार में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत करीब 2 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit: AI Generated

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संजय सिंह, पटना। बिहार के कटिहार में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 2 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो चार्टर्ड अकाउंटेंट और एक बैंक मैनेजर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय एक बड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो म्यूल अकाउंट के जरिए अवैध लेनदेन को अंजाम दे रहा था।

 

पुलिस के मुताबिक, साइबर थाना कटिहार की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें संदिग्ध बैंक खातों के माध्यम से भारी मात्रा में पैसों के लेनदेन का मामला सामने आया। जांच आगे बढ़ने पर यह साफ हुआ कि यह कोई साधारण फ्रॉड नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा संगठित नेटवर्क है।

 

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म्यूल अकाउंट से चल रहा था खेल

मामले का दूसरा और ज्यादा चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया, जब पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के ब्रांच मैनेजर कौशल कुमार को भी गिरफ्तार किया। उनके साथ खाता धारक कैलाश प्रसाद साह, रिंकू कुमार और राजेश कुमार मिश्रा को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार इन सभी ने मिलकर साइबर अपराधियों के साथ सांठगांठ की और बैंक खातों के जरिए करीब 1 करोड़ 71 लाख रुपये का अवैध लेनदेन कराया। इस खुलासे ने यह संकेत दिया है कि साइबर अपराधी अब सिर्फ तकनीकी माध्यमों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम के अंदर तक अपनी पैठ बना चुके हैं।

26 संदिग्ध खातों की पहचान

पुलिस ने अब तक कुल 26 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिनकी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है और फ्रॉड की रकम का आंकड़ा भी बढ़ सकता है।

आर्थिक अपराध इकाई का अभियान रंग ला रहा

साइबर डीएसपी रामकृष्ण ने बताया कि बिहार की आर्थिक अपराध इकाई द्वारा राज्यभर में ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। कटिहार में मिली यह सफलता इसी अभियान का हिस्सा है, जो अब धीरे-धीरे बड़े गिरोहों तक पहुंच रही है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों का इस्तेमाल किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि के लिए न होने दें। साथ ही अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा करने से बचें। थोड़ी सी लापरवाही बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इधर कटिहार पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि साइबर अपराध के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया जा रहा है और ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


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गिरफ्तार चार्टर्ड अकाउंटेंट निशांत अग्रवाल और रवि शंकर रवि ने अपने बैंक खातों को साइबर अपराधियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया था। इन खातों के जरिए करीब 50 लाख 69 हजार रुपये का अवैध ट्रांजैक्शन किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए अपने बैंक से जुड़े दस्तावेज जैसे चेकबुक, मोबाइल और मुहर खोने की झूठी सूचना थाने में दर्ज कराई थी, ताकि शक से बच सकें।

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