संजय सिंह, पटना: बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने राज्य के पुलिस महकमे को मानवीय संवेदनाओं के साथ कर्तव्य निभाने का कड़ा संदेश दिया है। मानव तस्करी और बाल श्रम जैसे संगठित अपराधों पर आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यशाला में DGP ने स्पष्ट किया कि गुमशुदा बच्चों के मामलों में पुलिस की भूमिका केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा, 'जब भी कोई बच्चा गुम हो, तो उसे अपना बच्चा समझकर उसकी खोज करें, क्योंकि ऐसे मामलों में शुरुआती समय ही सबसे कीमती होता है।'
सरदार पटेल भवन में आयोजित इस कार्यशाला में DGP ने पुलिसकर्मियों को संवेदनशील होने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि समय बीतने के साथ गुमशुदगी के मामले और भी जटिल हो जाते हैं, जिससे बच्चों के मानव तस्करी या शोषण के दलदल में फंसने का खतरा बढ़ जाता है। DGP के इस निर्देश के बाद अब राज्य के सभी थानों में बच्चों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की तैयारी शुरू हो गई है।
यह भी पढ़ें: बदायूं में HPCL के प्लांट में बड़ी वारदात, प्रबंधक और उप प्रबंधक की हत्या
शुरुआती घंटों में तत्परता दिखाने की नसीहत
DGP विनय कुमार ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि गुमशुदगी के मामलों में पहले कुछ घंटे और दिन निर्णायक होते हैं। पुलिस की तत्परता ही बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की गारंटी होती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में बिहार पुलिस ने मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल कुल 506 मामले दर्ज किए गए। जिनमें 1487 पीड़ितों को शोषण से मुक्त कराया गया और 437 तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। राज्य के सभी 44 जिलों सहित हवाई अड्डों पर भी मानव व्यापार निरोध इकाइयां (AHTU) सक्रिय कर दी गई हैं।
DGP ने नया ऑपरेशन किया लॉन्च
मानव तस्करी के खिलाफ चल रही जंग को और तेज करने के लिए DGP ने 'ऑपरेशन नया सवेरा 2.0' की घोषणा की है। यह विशेष अभियान राज्य भर में 1 से 20 अप्रैल 2026 तक चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना और तस्करी के चंगुल में फंसे पीड़ितों को रेस्क्यू करना है। इसके लिए दो नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी जारी की गई हैं। ताकि पुलिस अधिकारी बिना किसी भ्रम के वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से जांच को आगे बढ़ा सकें।
यह भी पढ़ें: हिंदू युवक से प्रेम संबंध पर मां-भाई ने खिलाया जहर, खेत में फेंकी बेटी की लाश
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में NDRF के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक डॉ. पी.एम. नायर ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर ADG (कमजोर वर्ग) डॉ. अमित कुमार जैन सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।