बिहार के कटिहार जिले में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की डिजिटल हाजिरी में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जिले के 21 शिक्षक अपने स्कूल में मौजूद नहीं थे लेकिन दूसरे जिले और दूसरे राज्य में रहते हुए डिजिटल हाजिरी बना रहे थे। ई-शिक्षा कोष पोर्टल के पिछले महीने के डिजिटल अटेंडेंस डेटा की जांच में यह मामला सामने आया है। इसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
जांच में आरोप है कि कुछ शिक्षक अपने पदस्थापित स्कूल में मौजूद रहने के बजाय पूर्णिया, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत दूसरे स्थानों से कटिहार के स्कूल में अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी 21 शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शिक्षकों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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लोकेशन से पकड़ में आए शिक्षक
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर डिजिटल हाजिरी की व्यवस्था लागू की गई है। शिक्षकों को स्कूल पहुंचकर मोबाइल से सेल्फी के साथ अपनी हाजिरी बनानी होती है। इस दौरान पोर्टल उनकी लोकेशन भी दर्ज करता है। पिछले महीने के डिजिटल अटेंडेंस डेटा की जांच के दौरान विभाग को कुछ शिक्षकों की लोकेशन पर शक हुआ। उनकी लोकेशन स्कूल से अलग जगह पर मिली। जांच आगे बढ़ी तो 21 शिक्षक ऐसे मिले जिन्होंने अपने स्कूल से दूर रहते हुए डिजिटल हाजिरी बनाई थी। इनमें कुछ शिक्षक दूसरे जिलों में थे जबकि कुछ की लोकेशन दूसरे राज्यों में मिली।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, कुछ शिक्षकों ने मोबाइल की लोकेशन बदलने वाले ऐप का इस्तेमाल किया हो सकता है। ऐसे ऐप की मदद से मोबाइल की लोकेशन किसी दूसरी जगह दिखाई जा सकती है। हालांकि इस बात की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। शिक्षा विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शिक्षकों ने किस तरह से स्कूल से दूर रहते हुए हाजिरी बनाई। साथ ही पिछले दिनों की उनकी डिजिटल हाजिरी और लोकेशन की भी जांच की जा सकती है।
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21 शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी 21 शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। उनसे पूछा गया है कि स्कूल में मौजूद नहीं होने के बावजूद दूसरे जिले या राज्य से डिजिटल हाजिरी क्यों बनाई गई। शिक्षकों को तीन दिनों के अंदर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में अपना जवाब देने को कहा गया है। कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के स्पष्टीकरण की जांच कराई जाएगी। अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के मुताबिक, डिजिटल हाजिरी का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करना है। ऐसे में अगर कोई शिक्षक स्कूल से दूर रहकर हाजिरी बनाता है तो यह डिजिटल व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला है। कटिहार में 21 शिक्षकों के मामले के बाद दूसरे जिलों में भी डिजिटल हाजिरी के डेटा की जांच की संभावना है। शिक्षा विभाग ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज हाजिरी और लोकेशन की समीक्षा कर सकता है।