बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घोघरडीहा थाना पुलिस ने सड़क पर गाड़ियों की जांच के दौरान चार संदिग्धों को दो दर्जन से अधिक पासपोर्ट के साथ पकड़ा है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पासपोर्ट मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने शत्रुपट्टी गांव में छापेमारी कर डाकबाबू नामक व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया है। फिलहाल सभी पांचों लोगों को थाना हाजत में रखा गया है। पुलिस अब पासपोर्ट के स्रोत और इसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामला मानव तस्करी और विदेश भेजने के नाम पर ठगी से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस के अनुसार, देर रात घोघरडीहा थाना पुलिस गाड़ियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध हालत में दिखे चार लोगों को रोककर उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से दो दर्जन से अधिक पासपोर्ट मिले। एक साथ इतने पासपोर्ट मिलने पर पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर थाने लाया और पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में संदिग्धों ने पुलिस को बताया कि ये पासपोर्ट उन्हें ‘डाकबाबू’ नामक व्यक्ति ने दिए थे। उनका कहना था कि वे सिर्फ पासपोर्ट को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम कर रहे थे।
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शत्रुपट्टी गांव में छापेमारी
संदिग्धों से मिला जानकारी के बाद पुलिस ने तुरंत शत्रुपट्टी गांव में छापेमारी की। वहां से ‘डाकबाबू’ के नाम से बताए जा रहे व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि पासपोर्ट के इस पूरे मामले में उसकी क्या भूमिका है और क्या वह अलग-अलग लोगों से पासपोर्ट लेकर इन्हें आगे भेजता था।
मामले की सूचना मिलने के बाद वरीय अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। इसके बाद प्रभारी डीएसपी सुबोध कुमार देर रात घोघरडीहा थाना पहुंचे और हिरासत में लिए गए लोगों से खुद पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, सभी संदिग्धों को फिलहाल थाना हाजत में रखा गया है। पुलिस बरामद पासपोर्ट के स्रोत और इन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के मामले की जांच कर रही है। सभी पासपोर्ट असली हैं या फर्जी इसकी भी जांच की जा रही है।
किन लोगों के हैं पासपोर्ट?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद पासपोर्ट किन लोगों के हैं और हिरासत में लिए गए लोगों की इसमें क्या भूमिका है। पासपोर्ट किस माध्यम से इनके पास पहुंचे और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, कई पासपोर्ट पर मधुबनी, दरभंगा और सीतामढ़ी के पते हैं। आशंका है कि इन लोगों से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर पासपोर्ट लिए गए थे। कई बार ऐसे मामलों में भोले-भाले युवकों को खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके पासपोर्ट रख लिए जाते हैं और बाद में उनसे मोटी रकम वसूली जाती है।
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पासपोर्ट की भी हो रही जांच
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला किसी संगठित गिरोह से तो जुड़ा नहीं है। बड़ी संख्या में पासपोर्ट एक साथ मिलने के कारण पुलिस कई बिंदुओं पर जानकारी जुटा रही है। खुफिया एजेंसियों को भी इसकी सूचना दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इन पासपोर्ट का इस्तेमाल हवाला या मानव तस्करी से जुड़े किसी काम में तो नहीं किया जा रहा था।
बरामद पासपोर्ट की जांच के लिए पासपोर्ट कार्यालय से भी संपर्क किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरीय अधिकारी भी पूरे प्रकरण की जानकारी जुटा रहे हैं। हालांकि अब तक पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए संदिग्धों के बारे में कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि डीएसपी के आने के बाद ही मामले में कुछ बताया जा सकता है।