बिहार के मुंगेर जिले के व्यवहार न्यायालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एएसआई संतोष हत्याकांड में दोषी करार दिए गए आठ अभियुक्तों ने जेल जाते समय जमकर हंगामा किया। कैदी गाड़ी में सवार अभियुक्तों ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया और गाड़ी का शीशा तोड़कर भागने की कोशिश की। अचानक हुए इस हंगामे से पूरा कोर्ट परिसर दहल गया। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जबकि दो अभियुक्त भी घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा के बीच मंडल कारा भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में होली के दिन मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी। होली के दौरान हुए हंगामे को शांत कराने गए एएसआई पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया था जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इसी चर्चित हत्याकांड की सुनवाई सोमवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत में हुई।
अदालत ने मामले में नामजद तीन महिलाओं समेत सभी आठ अभियुक्तों को दोषी करार दिया। इनमें रणवीर कुमार, रंजीत कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी शामिल हैं। अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद सभी अभियुक्तों को पुलिस सुरक्षा में कैदी गाड़ी से मंडल कारा ले जाया जा रहा था। कोर्ट परिसर से गाड़ी निकलने से पहले ही अंदर से शोर-शराबा शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शी जवान के मुताबिक, पहले अभियुक्त आपस में उलझे और इसके बाद अचानक पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया।
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महिला सिपाही हुई बेहोश
बताया जा रहा है कि कैदी गाड़ी के अंदर मौजूद अभियुक्तों ने हंगामा करते हुए गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और भागने का प्रयास किया। इसी दौरान सुरक्षा में तैनात हाजत प्रभारी एसआई विनोद कुमार और सेशन कोर्ट के हवलदार विदेश्वरी मांझी पर हमला कर दिया गया जिससे दोनों घायल हो गए। वहीं एक महिला सिपाही निर्जला कुमारी का गला दबाए जाने की बात सामने आई है। गला दबाए जाने के बाद वह कैदी गाड़ी में ही बेहोश हो गई।
अचानक हुए हमले से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति संभाल ली और किसी भी अभियुक्त को भागने में सफल नहीं होने दिया। घटना की सूचना मिलते ही मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद भारी पुलिस बल के साथ कोर्ट परिसर पहुंचे। देखते ही देखते पूरा कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को सुरक्षित मंडल कारा भेज दिया। वहीं इस हंगामे में दो अभियुक्त राजू और गुड्डू भी घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल पुलिसकर्मियों को भी उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
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दोषियों पर होगी अलग कार्रवाई
एसपी सैयद इमरान मसूद ने कहा कि अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद अभियुक्त आक्रोशित हो गए थे। जेल ले जाते समय उन्होंने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला किया जिसमें कुछ जवान घायल हुए हैं। मामले में अलग से प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
वहीं व्यवहार न्यायालय के लोक अभियोजक संजय सिंह ने भी घटना को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या एक जघन्य अपराध था। अदालत ने सभी आठ अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई जल्द होगी। कोर्ट परिसर में हुई हंगामे की घटना निंदनीय है और पुलिस को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
बता दें कि एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या के बाद पूरे पुलिस महकमे में आक्रोश था। होली के दिन शांति व्यवस्था बनाए रखने के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने तेजी से जांच कर चार्जशीट दायर की थी। अब अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। दोषी करार होने के बाद अभियुक्तों के इस तरह हंगामा करने से एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है। अब पुलिस कैदी गाड़ी में हुई इस पूरी घटना की जांच के साथ-साथ हमले और फरार होने के प्रयास को लेकर अलग से कार्रवाई करने की तैयारी में है।