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'पेपर लीक और गोलीकांड पर जवाब दे सरकार'- तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग को लेकर न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने AK-47 इस्तेमाल और फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की। 

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तेजस्वी यादव, Photo Credit- PTI

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बिहार में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच कराने और फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारी को निलंबित करने की मांग की है। तेजस्वी ने 19 अगस्त को होने वाले राजभवन मार्च में छात्रों, युवाओं और आम लोगों से शामिल होने की अपील की।

 

तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ सभी को आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने सीवान में AK-47 से फायरिंग किए जाने का आरोप लगाया। इस बीच राज्य सरकार ने सीवान के एसपी का तबादला कर दिया है।

 

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AK-47 पर तेजस्वी ने उठाए सवाल

तेजस्वी ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ पूरे बिहार में हुए आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज, आंसू गैस और फायरिंग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर AK-47 का इस्तेमाल किया गया। सीवान में तीन लोगों को गोली लगी जिनका इलाज पटना के मेदांता अस्पताल में हुआ। तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री उनसे मिलने तक नहीं गए। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर गोली चलाने वाले सिपाही के पास AK-47 कैसे पहुंची और यह हथियार किस यूनिट या शस्त्रागार से जारी किया गया था। हथियार जारी करने का आदेश किसने दिया इसकी भी जांच होनी चाहिए।

 

तेजस्वी ने कहा कि आरोपी सिपाही किस यूनिट में तैनात था वह जिला पुलिस, एसपी की सुरक्षा, एसटीएफ या एसआईटी में था यह भी स्पष्ट होना चाहिए। तेजस्वी ने यह भी सवाल किया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग की अनुमति किसने दी और गोली चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ सिपाही पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है पूरी कमांड चेन की जांच होनी चाहिए। 

 

तेजस्वी ने कहा कि इस मामले में उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी लेकिन जवाब नहीं मिला। उनका आरोप था कि बिना मुख्यमंत्री की अनुमति के गोलियां नहीं चल सकतीं। सीवान और जहानाबाद में फायरिंग हुई और AK-47 का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने संसद को गुमराह किया और कहा कि गोलियां नहीं चलीं जबकि बिहार सरकार ने अपने शपथ पत्र में माना है कि गोलियां चली हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रही हैं और लोगों को गुमराह कर रही हैं।

 

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'बिहार बना बेरोजगारी और पेपर लीक की राजधानी'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी ने राज्य की 21 साल की एनडीए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार बेरोजगारी का केंद्र और पेपर लीक की राजधानी बन गया है। ऐसा कोई एग्जाम नहीं है जिसमें पेपर लीक न हुआ हो। उन्होंने पूछा कि बीजेपी वाले नया बिहार की बात करते हैं। क्या नया बिहार का मतलब शिक्षा और स्वास्थ्य में फिसड्डी होना है? सृजन घोटाला, डस्टबीन घोटाला, ई-टेंडर घोटाला, भ्रष्टाचार को सरकार का संरक्षण मिला हुआ है। सरकार अपनी गलतियों से नहीं सीख रही। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अच्छी शिक्षा, कदाचार मुक्त परीक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त विकास अब सपना लगने लगा है। भर्ती में भी भेदभाव हो रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से अधिकार मांगने वाले छात्रों पर गोलियां चलाई जा रही है।

 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार में सरकार कमजोर है इसलिए पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं। परीक्षा व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री गोलीकांड के मामले पर चुप क्यों हैं और न्यायिक जांच का आदेश क्यों नहीं दे रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि सीवान के एसपी का सिर्फ तबादला करना काफी नहीं है उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 19 अगस्त के राजभवन मार्च को रोकने के लिए सरकार छात्र नेताओं को गिरफ्तार करवा रही है और आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तेजस्वी यादव पार्टी नेताओं के साथ गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और आंदोलन में शामिल नेताओं से मुलाकात की। तेजस्वी ने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की जायज मांगें जल्द पूरी करनी चाहिए। पेपर लीक की वजह से लाखों छात्र परेशान हैं और सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने 19 अगस्त को होने वाले राजभवन मार्च में छात्रों, युवाओं और आम लोगों से शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि मार्च के जरिए बेरोजगारी, पलायन और पेपर लीक को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।


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