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बिहार में विक्रमशिला पुल टूटा, गंगा नदी में समाया पिलर नंबर 133, ट्रैफिक ठप्प

बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला पुल का एक हिस्सा बीती रात टूटकर गंगा नदी में गिर गया। इस घटना से पहले ही पुल पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई थी।

vikramshila Bridge

विक्रमशिला पुल टूटा, Photo Credit: Social Media

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 बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर रविवार देर रात पहले बैठा और फिर टूटकर गंगा नदी में गिर गया। यह घटना रात करीब 1 बजे की बताई जा रही है।  देर रात पुल टूटने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि समय रहते इस पुल से आवाजाही को रोक दिया गया था।


इस पुल के टूटने से बिहार के  नवगछिया और भागलपुर के बीच का संपर्क टूट गया है। बताया जा रहा है कि पुल के पिलर नंबर 4-5 के बीच शाम को ही दरार आनी शुरू हो गई थी। इसके बाद पुल के ऊपर से जाने वाले ट्रैफिक को रोक दिया गया था। पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। पुल निगम के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

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रात में गंगा में समा गया पुल

इस घटना के बारे में सबसे पहले रात करीब 1 बजकर 33 मिनट पर जानकारी सामने आई कि पिलर नंबर 133 अचानत बैठना शुरू हो गया है। रात 12 बजे तक यह पिलर काफी हद तक झुक गया था। इसके बाद सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे। भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार ने SSP प्रमोद कुमार यादव और नवगछिया SP राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से पुल पर ट्रैफिक रोकने के निर्देश दिए। पिलर और उसके आसपास का इलाका खाली करवा लिया गया था। रात 1 बजकर 10 मिनट पर पिलर पूरी तरह गंगा नदी में समा गया। इसके साथ ही पिलर के ऊपर बनी स्लैब भी नदी में समा गई। 

पुल को ठीक करने में लग सकते हैं 20 दिन

इस पुल के गिरने से नवगछिया और भागलपुर के बीच का संपर्क टूट गया है। जानकारों का कहना है कि पुल के 33 मीटर हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस नुकसान के कारण पुल को फिलहात ठीक करना काफी मुश्किल होगा। उनका कहना है कि इस पुल को ठीक करने में कम से कम 20 दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही नवगछिया और भागलपुर के बीच ट्रैफिक शुरू हो पाएगा। इस पुल का बिहार की लाइफलाइन भी कहा जाता है क्योंकि इस पुल से रोजाना 1 लाख से ज्यादा लोग गुजरते हैं। 

 

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2001 में बना था पुल

इस पुल का उद्घाटन साल 2001 में बिहार की तत्कालीन सीएम राबड़ी देवी ने किया था। यह पुल 4.7 किलोमीटर लंबा है और उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार को जोड़ने में काफी अहम भूमिका निभाता है। करीब एक महीने पहले ही पिलरों के प्रोटेक्शन वॉल खिसकने की खबरें सामने आई थी। जानकारी के अनुसार, पिछले 8 सालों से पुल की सही से मरम्मत नहीं हुई थी। इस मामले में अभी जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। 

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