logo

मूड

ट्रेंडिंग:

BJP विधायक के बेटे से मांग लिया टोल टैक्स, तुरंत मार दिया थप्पड़

उत्तर प्रदेश के आगरा में बीजेपी विधायक के बेटे ने टोल मांगने पर एक कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया, जिसकी पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

AI Generated Image

प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के दक्षिणी बाईपास पर स्थित रायभा टोल प्लाजा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां फतेहपुर सीकरी से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक चौधरी बाबूलाल के बेटे, सुरेश चौधरी ने टोल टैक्स मांगने पर एक कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

यह घटना मंगलवार दोपहर की है। विधायक के बेटे सुरेश चौधरी अपनी गाड़ी से आगरा से मथुरा की तरफ जा रहे थे। जब उनकी गाड़ी टोल प्लाजा पर पहुंची तो कर्मचारी ने उन्हें रोक लिया। गाड़ी पर विधायक का बोर्ड लगा था लेकिन गाड़ी में 'फास्टैग' नहीं था। जब कर्मचारी ने पहचान पत्र मांगा, तो सुरेश चौधरी को गुस्सा आ गया और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।

 

यह भी पढ़ें: मुंह से झाग निकली और मौत हो गई, चंपई सोरेन के पोते का मनाली में निधन

मारपीट और हंगामा

बहस के दौरान सुरेश चौधरी अपने गाड़ी से नीचे उतरे और अपना आपा खो बैठे। उन्होंने वहां खड़े टोल कर्मचारी को जोर से थप्पड़ मार दिया। उनके साथ मौजूद लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन तब तक काफी हंगामा हो चुका था। टोल प्लाजा के दूसरे कर्मचारियों ने आकर बीच-बचाव किया जिसके बाद विधायक के बेटे की गाड़ी को वहां से जाने दिया गया। 

 

 

 

 

इस मामले पर विधायक बाबूलाल ने अपने बेटे का बचाव किया है। उनका कहना है कि गलती टोल कर्मचारियों की थी। विधायक ने आरोप लगाया कि टोल कर्मियों ने उनके बेटे के साथ बदतमीजी की और गाली भी दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस झगड़े के दौरान उनके बेटे की सोने की चेन भी खो गई। 

 

यह भी पढ़ें: धूल, JCB, टक्कर और मौत, कानपुर के PSIT में बवाल की पूरी कहानी

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही अछनेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। कुछ समय बाद खबर आई कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। टोल कर्मचारी ने पुलिस को लिखित में पत्र दिया कि यह विवाद एक गलतफहमी के कारण हुआ था और अब वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहता।

 

दिलचस्प बात यह है कि समझौते के दौरान यह भी कहा गया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के दूर के रिश्तेदार हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामला खत्म कर दिया।

Related Topic:#UP News#BJP

और पढ़ें