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'उमर खालिद राष्ट्रवादी है...', कांग्रेस नेता BK हरिप्रसाद के बयान पर हंगामा

NLSIU में उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने छात्र संगठन ABVP की मांग का विरोध करते हुए उमर खालिद का बचाव किया है।

BK Hariprasad & Umar Khalid

बीके हरिप्रसाद और उमर खालिद, Photo Credit- Social Media

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कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के बयान ने एक बार फिर से उमर खालिद पर नई बहस को शुरू कर दिया है। बीके हरिप्रसाद ने 15 सितंबर को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पर जमकर हमला बोला। हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि ABVP नाथूराम गोडसे की विचारधारा को मानती है। उन्होंने नाथूराम को देश का पहला आतंकवादी करार दिया।

 

दरअसल, जेल में बंद उमर खालिद पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई जानी थी, जिसका विरोध ABVP कर रही हैं। हरिप्रसाद ने उमर को 'राष्ट्रवादी' बता दिया जिसके बाद एक नई बहस शुरू हो गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग नाथूराम की विचारधारा को मानते हैं उनके पास बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। 

 

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क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बैंगलोर, में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाने की योजना से जुड़ा है। डायरेक्टर ललित वाचानी की डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'प्रिजनर नंबर 626710 इज प्रेजेंट' उमर खालिद के जीवन पर आधारित है। सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए आयोजकों ने फिलहाल इसका शो टाल दिया था। ABVP इस पर पूरी तरह बैन लगाने पर अड़ी है।

 

विवाद की वजह

NLSIU में डॉक्यूमेंट्री दिखाई जानी थी, जिसे फिलहाल टाल दिया गया। ABVP ने केंद्रीय मंत्रियों को चिट्ठी लिखकर इस स्क्रीनिंग पर हमेशा के लिए रोक लगाने की मांग की है। ABVP की बैंगलोर इकाई ने गृह मंत्री अमित शाह, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को पत्र भेजकर इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। इसी मांग के जवाब में कांग्रेस नेता ने ABVP की नीयत पर सवाल उठाए हैं।

 

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आपको बता दें कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र उमर खालिद पर फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश रचने और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप है। उन पर कड़े आतंकवाद विरोधी कानून 'गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। उमर खालिद सितंबर 2020 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।

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