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कोड़े मारे, सूखी रोटी दी, गर्म भाले से कान काटे, 11 महीने तक बांधकर रखे 12 मजदूर

उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां पर पुलिस ने 12 मजदूरों को मुक्त कराया है। इन मजदूरों को पिछले 11 महीने से बंधक बनाकर रखा गया था।

Up police rescued labourers

12 मजदूरों को किया मुक्त, photo Credit: Social Media

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उत्तर प्रदेश में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मुजफ्फरनगर जिले में प्रशासन और पुलिस की छापेमारी के बाद कागज की प्लेट बनाने वाली एक फैक्टरी से नाबालिगों समेत 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी और बताया कि किस तरह से फैक्ट्री में मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था। इस मामले के सामने आने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं और लोगों के बीच काफी अक्रोश फैल गया है। 


पुलिस के अनुसार, मुक्त कराए गए लोगों के शरीर पर यातना और चोट के स्पष्ट निशान थे। अधिकारियों ने बताया कि इन मजदूरों को कथित तौर पर अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था और वादे के अनुसार मासिक वेतन भी नहीं दिया जा रहा था। मजदूरों को प्रताड़ित करने में इस्तेमाल किए जा रहे कुछ औजारों को भी पुलिस ने दिखाया। इन्हीं औजारों के जरिए मजदूरों को काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। मुजफ्फरनगर के एसएसपी ने बताया कि कौड़े से मजदूरों को मारा जाता था। 

 

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पुलिस ने क्या बताया?

एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद कार्यपालक मजिस्ट्रेट राधे श्याम गौड़ के नेतृत्व में एक टीम ने तितावी थाना क्षेत्र के मंडी गांव में स्थित फैक्टरी में छापेमारी की। एसएसपी ने कहा कि अभियान के दौरान नाबालिगों समेत 12 बंधुआ मजदूरों को फैक्टरी परिसर से मुक्त कराया गया। 

क्या बोले मजदूर?

एक मजदूर ने बताया कि हमें पैसे का लालच देकर अंबाला से बुलाया गया था। हमें तीन टाइम का खान, चाय और पैसे का वादा करके लाया गया था। उन्होंने कहा, 'ना हमें यहां खाना मिलता था ना पैसा। बिना नमक के रोटी मिलती थी और वह भी 24 घंटे के बाद। कोई पैसा नहीं मिला।' 

 

उन्होंने बताया कि परिवार से भी उनकी बात नहीं हुई। आरोपियों ने उनके मोबाइल, आधार कार्ड सब कुछ छिन लिया था। इस दौरान 11 महीने बीत गए और उन्हें उनके परिवार से बात तक नहीं करने दी गई। मजदूर ने बताया कि काम ना करने पर उन्हें मारा जाता था। बेल्ट से और कौड़े से मारकर उनसे जबरन काम करवाया जाता था। 

 

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कैसे मिली मुक्ति?

मजदूर ने बताया कि वह कैसे उस कैद से मुक्त हुए। उन्होंने बताया कि पहले एक लड़के को वहां से भगाया गया था। उन्होंने कहा, 'वहां का मालिक जो था वह कहीं गया हुआ था। उसका बाप आया था और गेट खोला उसी बीच लड़के को भगाया गया। उसे पकड़ने की कोशिश की गई लेकिन वह पुलिस स्टेशन भाग गया। इसके बाद उसने पुलिस को जानकारी दी और हमें मुक्त करवाया।' उन्होंने यह भी बताया कि मजदूर वहां से भाग ना पाएं इसके लिए मालिक ने कुत्ते रखे थे। अगर मजदूर भागने की कोशिश करते तो यह कुत्ते उन्हें काटते थे। अब पुलिस ने इन मजदूरों को मुक्त करवाय दिया है लेकिन जनता के बीच इस घटना के बाद काफी ज्यादा गुस्सा है। 

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