उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में शुक्रवार की सुबह उदय प्रताप कॉलेज में दिनदहाड़े बीएससी की छात्र की ताबड़तोड़ गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। मृतक छात्र की पहचान गाजीपुर निवासी सूर्य प्रताप सिंह के तौर पर हुई है। हत्या की खबर मिलने के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। प्रशासन ने आनन-फानन कई थानों की पुलिस को मौके पर भेजा और पूरे कॉलेज कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया।
बताया जा रहा है कि छात्र सूर्य प्रताप सिंह कुछ दिन से बीमार चल रहा था। करीब 20 दिन बाद ही कॉलेज आया था। हॉस्टल में रहकर वह बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। हत्याकांड से भड़के छात्रों ने कॉलेज के बाहर खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की और दुकानों को भी बंद करवा दिया।
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कूड़े में पिस्टल फेंककर भागा आरोपी
छात्रों के हंगामे के बीच रसायन विज्ञान के विभागाध्यक्ष अभिषेक सिंह के सिर पर चोट लगने की भी खबर है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि छात्र मंजीत सिंह चौहान ने वारदात को अंजाम दिया है। सूर्य प्रताप सिंह को आठ गोलियों से भूनने के बाद आरोपी पिस्टल को कूड़े में फेंककर भाग निकला।
पुलिस की छहह टीमें तैनात
कॉलेज परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस और पीएसी की भारी तैनाती की गई है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने छात्रों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। आरोपी की तलाश में पुलिस की छह टीमें लगी हैं।
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चश्मदीद छात्र बोला- प्रिंसिपल के सामने मारी गई गोली
चश्मदीद और एमएससी के छात्र ने बताया कि इन लोगों का आपसी विवाद हुआ था। प्रिंसिपल ने दोनों को आज बुलाया था। उन्हें (सूर्य प्रताप) प्रिंसिपल ने बहुत जलील किया और उनके सामने पिस्टल निकाला गया। मनजीत चौहान ने चार गोली मारी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सूर्य प्रताप के पिता अतुलानंद स्कूल में ड्राइवर और उनकी मां सहायिका हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद से ही परिवार और साथी छात्रों का रो-रोकर बुरा हाल है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हैं।