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50 बार परीक्षा दी, नहीं मिली सरकार नौकरी; गोल्ड मेडलिस्ट ने की खुदकुशी

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक गोल्ड मेडलिस्ट छात्र ने खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि सरकारी नौकरी न मिलने से छात्र परेशान था। 2024 में उसने बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी।

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कानपुर में गोल्ड मेडलिस्ट ने की खुदकुशी। (Photo Credit: Social Media)

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50 कोशिश के बावजूद सरकारी नौकरी में सफलता नहीं मिलने पर एक छात्र ने खुदकुशी कर ली। छात्र ने अपने सुसाइड नोट में लिखा- 'सॉरी पापा... मैंने कोशिश की। प्लीज मुझे माफ कर देना।' मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का है। जान देने वाला छात्र बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट था। पुलिस के मुताबिक बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं में मिल रही असफलता से छात्र परेशान था।

 

गोविंद नगर के थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि मृतक के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। ऐसा लग रहा है कि युवक सरकारी नौकरी न मिलने के कारण परेशान था। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। भैरव घाट पर शनिवार शाम को मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

 

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आनंद ने अपने सुसाइड नोट में लिखा, 'सॉरी पापा... मैंने सरकारी नौकरी पाने के लिए लगभग 50 बार प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। कृपया मुझे माफ कर दीजिएगा। 

 

पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान 23 वर्षीय आनंद के रूप में हुई। वह कानपुर के गुजैनी इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। हालांकि घटना के वक्त आनंद घर पर अकेला था। जबकि पूरा परिवार बड़े भाई अमित की शादी फिक्स करने बिहार के गया जी गया था।

दरवाजा तोड़कर निकाला गया शव

पुलिस के मुताबिक घरेलू सहायिका जब घर में काम करने आई तो उसे आनंद का कमरा बंद मिला। उसने कई बार खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद महिला ने पड़ोसियों और बाद में पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। मगर कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर अंत में उसे तोड़ना पड़ा। कमरे के अंदर आनंद का शव मिला। 

 

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बिहार का रहने वाला है आनंद का परिवार

आनंद का परिवार मूलरूप से बिहार के बक्सर जिले का रहने वाला है। उसके पिता राजकुमार कानपुर की लोहिया प्राइवेट लिमिटेड में काम करते थे। हालांकि अब रिटायर्ड है। परिवार यहीं कानपुर में बस गया। पिता राजकुमार ने बताया कि बीटेक करने के बाद बेटे ने पावर ग्रिड से एक साल की अप्रेंटिसशिप की थी। इसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने लगा। उसने रेलवे, एसएससी, बैंकों और शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों की परीक्षों में हिस्सा लिया, लेकिन किसी में सफलता नहीं मिली। यही कारण है कि वह पिछले कुछ दिनों से बेहद परेशान चल रहा था। 

कॉलेज में मिला गोल्ड मेडल, यूपी में तीसरा स्थान था

आनंद पढ़ाई में अच्छा था। उसने साल 2024 में ही कानपुर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई। उसने पूरे प्रदेश में तीसरा और कॉलेज में पहला स्थान हासिल किया। 13 अगस्त 2024 को कॉलेज के दीक्षांत समारोह में आनंद को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। अब सरकारी नौकरी न मिलने के कारण होनहार छात्र के खुदकुशी से पूरा मोहल्ला सन्न है। 

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