पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ दुनियाभर में एक प्लान सिटी के रूप में मशहूर है। इस शहर की कानून व्यवस्था और प्रशानिक ढ़ांचे की भी अक्सर तारीफ की जाती रही है लेकिन यही चंडीगढ़ अब अपराधगढ़ बनता जा रहा है। आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं जिससे शहर की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। कल (18 मई) की सुबह एक प्रॉपर्टी डीलर अपने घर से जिम जाने के लिए आया था। जब वह सेक्टर 9 में जिम के बाहर अपनी कार में था उस समय उस पर हेलमेट पहनकर आए एक हमलावर ने हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे बिना किसी डर के अपराधी दिन दहाड़े उस युवक की हत्या कर रहे हैं।
पुलिस जांच में मृतक की पहचान 31 साल के चमनप्रीत के रूप में हुई है। CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावर पहले पैसेंजर सीट की साइड आया, फिर ड्राइवर साइड घूमकर युवक पर हमला किया। परिवार ने फिलहाल पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते, तब तक वह पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे। शव को PGI की मॉर्च्युरी में रखा गया है।
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गैंगस्टर लक्की ने ली जिम्मेदारी
जिम से निकलने के बाद चनमनप्रीत पर 12 गोलियां चलाई गईं। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लक्की पटियाल ने ली है। चमनप्रीत के बचपन के दोस्त और बिजनेस पार्टनर बलकार ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में गैंगस्टर लक्की ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा, '2 साल पहले हमने पंजाबी गायक बब्बू मान का एक कार्यक्रम आयोजित किया था। उसके बाद चमनप्रीत को धमकियां आने लगी थीं। धमकियां मिलने के बाद हमने कार्यक्रम करवाना बंद कर दिया था। लकी पटियाल ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। वह भी हमारा ही दोस्त था। पहले हमें उसके ऊपर कोई शक नहीं था, लेकिन कल जब लकी पटियाल का पोस्ट देखा तो पता चला कि इस वारदात के पीछे उसका ही हाथ है।'
24 घंटे में दो घटनाएं
चंडीगढ़ की कानून व्यवस्था पर इसलिए भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि 24 घंटे के अंदर फायरिंग की यह दूसरी घटना है। मंगलवार 17 मार्च की शाम शहर के सेक्टर 14 में स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में भी फायरिंग की घटना हुई थी। स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) के छात्र नेता जश्न जवंदा पार्किंग में खड़े थे। इसी दौरान 2 युवक स्कूटी पर आए और आते ही फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली कार में लगी। इसके बाद जशनदीप सिंह खुद को बचाने के लिए वहां से भाग गए।
पुलिस चौंकी यूनिवर्सिटी कैंपस में ही है और उससे कुछ ही मीटर की दूरी पर यह घटना हुई है। घटना के बाद यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी और चंगीगढ़ पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पाई और आरोपी फरार हो गए। कल सेक्टर 9 में जो मर्डर हुआ है वह भी पुलिस मुख्यालय के पास हुआ है। इससे पता चलता है कि अपराधियों को पुलिस का कोई डर नहीं रहा।
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4 महीने में 13 वारदात
चडीगढ़ में 24 घंटे के अंदर फायरिंग की दो घटनाओं ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। सेक्टर 9 को चंडीगढ़ का वीआईपी इलाका माना जाता है। दोनों घटनाओं में आरोपी पंजाब में जा घुसे लेकिन पुलिस अभी तक एक भी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। यह पहली घटना नहीं है जब चंडीगढ़ में गैंगस्टरों ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया हो। बीते चार महीने में रंगदारी, फायरिंग और हत्या की 13 वारदात सामने आ चुकी हैं।
- फरवीर में सेक्टर 36 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
- 16 जनवरी को रंगदारी ना देने पर सेक्टर 32 में एक फार्मेसी पर फायरिंग की गई। इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां हुई हैं।
- 16 जनवरी की ही रात सेक्टर 21 में एक बिल्डर के घर पर फायरिंग हुई और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी।
- दिसंबर 2025 में शराब कारोबारी से गैंगस्टर डोनी बल ने रंगदारी मांगी।
- नवंबर में सेक्टर 38 में एक होटल कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग हुई।
इन सभी घटनाओं ने चंडीगढ़ पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार और बुधवार को हुई फायरिंग की इस घटना के बाद चंडीगढ़ प्रशासन भी एक्टिव हो गया है। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ पुलिस के सीनियर अधिकारियों को गवर्नर हाउस बुलाया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, गवर्नर गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि वह चंडीगढ़ में गैंगस्टर वॉर पैदा नहीं होने देंगे।