छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक स्कूल के प्रिंसिपल ने कुछ दिन पहले सुसाइड कर लिया था। बाद में पता चला कि प्रिंसिपल ने ऐसे ही सुसाइड नहीं किया था बल्कि स्कूल परियोजना से जुड़े ठेकेदार के दबाव में आकर किया था। आरोप है कि प्रिंसिपल पर खराब बने स्कूल के लिए फंड जारी करने का दबाव परियोजना ठेकेदार डालता था।
पुलिस ने प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्टर को सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। प्रिंसिपल ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है।
ठेकेदार गिरफ्तार हुआ
दरअसल, 22 अप्रैल को पालनार के एक स्कूल के प्रिंसिपल और चेरपाल के रहने वाले 50 साल के राजू पुजारी अपने घर के पास जंगल में लटके हुए मिले थे। उनके सुसाइड नोट में कथित तौर पर तीन लोगों के नाम हैं, जिसमें बीजापुर का ठेकेदार देवाशीष मंडल भी शामिल है। देवाशीष मंडल को शनिवार को गिरफ्तार किया गया।
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कांग्रेस का छाने के बाहर प्रदर्शन
पुलिस अब इस केस से जुड़े दो और आरोपियों की तलाश कर रही है। इस सुसाइड केस को लेकर स्थानीय कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी प्रिंसिपल के परिवार को साथ में लेकर पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। विधायक विक्रम मंडावी का कहना है कि स्कूल का कंस्ट्रक्शन का काम बहुत खराब था और प्रिंसिपल राजू पुजारी ईमानदार थे। वह इस डर से फंड जारी नहीं कर रहे थे कि स्कूल की दीवारें गिर सकती हैं और उसे भ्रष्टाचार में फंसाया जा सकता है।
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पूरा मामला क्या है?
जांच के दौरान, पुलिस ने बताया है कि यह सुसाइड स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के जरिए हो रहे एक स्कूल बिल्डिंग के कंस्ट्रक्शन से जुड़ा है। इसमें कॉन्ट्रैक्टर शामिल था। कथित तौर पर काम के लिए लगभग 40 परसेंट पेमेंट किया जा चुका था, बाकी कुछ लाख रुपयों को लेकर झगड़ा हो गया था।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'जांच से पता चलता है कि प्रिंसिपल राजू पुजारी लंबे समय से मानसिक तौर पर परेशान था और उसे डर था कि कुछ लोग उसे गलत कामों में शामिल होने के लिए मजबूर करके फंसा देंगे। खासतौर से कंस्ट्रक्शन के काम के पेमेंट के सिलसिले में। '