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हॉस्टल की लड़कियों ने की शिकायत, CM सुक्खू ने किया 2 करोड़ देने का एलान

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पीति के गांव में रात बिताकर समस्याएं सुनीं। वहीं छात्राओं की मांग पर सीएम ने हॉस्टल के लिए 2 करोड़ रुपये देने का एलान किया।

स्पीति के एक गांव में लोगों के साथ अलाव सेंकते मुख्यमंत्री सुक्खू

स्पीति के एक गांव में लोगों के साथ अलाव सेंकते मुख्यमंत्री सुक्खू, Photo Credit-CM Media

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हिमाचल प्रदेश के दुर्गम जनजातीय क्षेत्र स्पीति में विकास की जरूरतों को समझने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गांव में रात्रि प्रवास कर स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत रंगरिक पहुंचे मुख्यमंत्री ने एक ओर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, वहीं दूसरी ओर छात्राओं की आवासीय सुविधाओं से जुड़ी मांग पर दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही रंगरिक के स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्तरोन्नत करने का भी ऐलान किया।

 

मुख्यमंत्री का यह दौरा खास तौर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण रहा। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले स्पीति क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में बालिका छात्रावास के निर्माण और स्वास्थ्य संस्थान के उन्नयन की घोषणाओं से क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जगी है।

छात्राओं की समस्याएं सुनते ही नए छात्रावास के लिए दो करोड़

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रंगरिक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास में रह रही छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। छात्राओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने नए बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

 

उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त किया कि उनकी अन्य समस्याओं का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। छात्रावास में केवल भवन की जरूरत ही सामने नहीं आई, बल्कि रोजमर्रा की सुविधाओं और कर्मचारियों की कमी से जुड़े मुद्दे भी उठे। मुख्यमंत्री ने छात्रावास की चारदीवारी का निर्माण करवाने, दो मल्टी-टास्क वर्करों और एक महिला वार्डन की नियुक्ति तथा पानी की कमी की समस्या दूर करने का आश्वासन दिया। इन घोषणाओं के धरातल पर उतरने से छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिल सकती है।

स्वास्थ्य उपकेंद्र बनेगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

रंगरिक में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है। स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्र में भौगोलिक परिस्थितियों और दूरियों के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य संस्थान का उन्नयन स्थानीय आबादी की जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

 

हालांकि, इसके वास्तविक लाभ संस्थान के संचालन, आवश्यक स्टाफ और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं पर भी निर्भर करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम गांवों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को करीब से समझने के लिए वह इन क्षेत्रों में रात्रि प्रवास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों से सीधे संवाद के माध्यम से सामने आने वाली समस्याओं के समाधान को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्रदेश के बजट में शामिल किया जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल में नए जिलों के गठन की कवायद तेज, चार सदस्यीय आयोग गठित

गांव में रात्रि प्रवास, स्थानीय परिवार के घर ठहरे मुख्यमंत्री

‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत रंगरिक पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासी सोनम फुंसुक के आवास पर रात्रि विश्राम किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया और उन्हें क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन परोसे। मुख्यमंत्री का गांव में रात्रि प्रवास प्रशासनिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर स्थानीय लोगों के बीच संवाद का अवसर बना। इस पहल के माध्यम से सरकार दुर्गम क्षेत्रों की समस्याओं, जरूरतों और विकास संबंधी अपेक्षाओं को सीधे समझने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने मंजुश्री में भी लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

रंगरिक प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने एक वृद्धाश्रम का दौरा भी किया। उन्होंने वहां रह रहे वृद्धजनों से बातचीत की और उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार का उद्देश्य विकास की मुख्यधारा से वंचित और संवेदनशील वर्गों तक सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है।

 

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वह प्रदेश के कई दुर्गम क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और लोगों से सीधे संवाद के बाद उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाए गए हैं। इस अवसर पर लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा भी उपस्थित रहीं।

घोषणाओं पर टिकी रहेंगी क्षेत्रवासियों की निगाहें

रंगरिक प्रवास के दौरान बालिका छात्रावास के लिए दो करोड़ रुपये और स्वास्थ्य उपकेंद्र के उन्नयन की घोषणाएं क्षेत्र की दो अहम जरूरतों से जुड़ी हैं। छात्रावास की चारदीवारी, पानी और कर्मचारियों की कमी दूर करने के आश्वासन भी छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। अब इन घोषणाओं के क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की समयसीमा और स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के विस्तार पर क्षेत्रवासियों की निगाहें रहेंगी। दुर्गम क्षेत्र में विकास योजनाओं की सफलता का आकलन इस बात से होगा कि घोषित सुविधाएं कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचती हैं।


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