logo

मूड

ट्रेंडिंग:

लखनऊ में हादसे के बाद कोचिंग बंद, परेशान हो रहे तैयारी करने वाले छात्र

लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद से तमाम कोचिंग संस्थान बंद हैं और इसका असर अब तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है और उनकी तैयारी प्रभावित हो रहा है।

lucknow coaching

सील किया गया कोचिंग संस्थान, Photo Credit: social media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रशासन की ओर से कोचिंग संस्थानों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का सबसे बड़ा असर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर पड़ा है। फायर सेफ्टी और भवन मानकों में खामियां मिलने पर अब तक 32 कोचिंग संस्थानों को सील किया जा चुका है। इसके चलते हजारों छात्र नियमित कक्षाओं से वंचित हैं। परीक्षा की तैयारी, हॉस्टल का खर्च और भविष्य की चिंता अब छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

 

शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, 236 कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं जबकि शहर में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 4000 कोचिंग सेंटर संचालित होने का अनुमान है। प्रशासन की कार्रवाई फिलहाल उन संस्थानों पर केंद्रित है, जहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। छात्रों का कहना है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए लेकिन हजारों छात्रों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होनी चाहिए। प्रशासन, शिक्षा विभाग और कोचिंग संचालकों को मिलकर ऐसा समाधान निकालना होगा, जिससे सुरक्षा मानकों का पालन भी हो और प्रतियोगी छात्रों की तैयारी भी प्रभावित न हो क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं में हर दिन की पढ़ाई भविष्य तय करती है और यही चिंता आज लखनऊ के हजारों छात्रों के चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है।

 

यह भी पढ़ें: खुद की तेरहवीं का भोज हो रहा था, घर लौट आया 'मर चुका' शख्स

'20 दिन से पढ़ाई ठप, हर दिन कीमती'

लखनऊ में JEE की तैयारी कर रहे शिवम रावत बताते हैं कि उनका कोचिंग संस्थान पिछले करीब 20 दिनों से बंद है। नियमित क्लास नहीं होने से पढ़ाई का पूरा क्रम बिगड़ गया है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हर दिन की तैयारी मायने रखती है और इतना लंबा अंतराल नुकसान पहुंचा रहा है। बहराइच निवासी आदित्य मिश्रा, जो NEET की तैयारी के लिए लखनऊ आए हैं, कहते हैं कि ऑनलाइन क्लास में न तो वैसा माहौल मिलता है और न ही तुरंत डाउट क्लियर हो पाते हैं। ऑफलाइन पढ़ाई बंद होने से उनकी तैयारी पर सीधा असर पड़ रहा है।

'कब शुरू होंगी क्लास, कोई नहीं बता रहा'

बहराइच के रोहित बताते हैं कि कोचिंग प्रबंधन ने सिर्फ इतना कहा है कि फिलहाल कक्षाएं स्थगित हैं। दोबारा पढ़ाई कब शुरू होगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इस अनिश्चितता ने छात्रों की चिंता और बढ़ा दी है।पवन कुमार ने हाल ही में कोचिंग में प्रवेश लिया था। उनका कहना है कि एडमिशन के कुछ ही दिन बाद संस्थान बंद हो गया। अब समय भी निकल रहा है और तैयारी भी प्रभावित हो रही है।

 

यह भी पढ़ें: फर्जी NOC के सहारे मिला बिजली कनेक्शन! अलीगंज अग्निकांड में खुल रहे बड़े राज


लखनऊ में रहकर तैयारी कर रहे हिमांशु उपाध्याय कहते हैं कि कोचिंग बंद होने के बावजूद हॉस्टल, भोजन और अन्य खर्च लगातार उठाने पड़ रहे हैं। आर्थिक दबाव के साथ मानसिक तनाव भी लगातार बढ़ रहा है।

दूसरे जिलों से आए छात्रों की सबसे ज्यादा परेशानी

लखनऊ में बहराइच, गोंडा, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली और पूर्वांचल के कई जिलों से हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रहते हैं। कोचिंग बंद होने से उनकी पढ़ाई के साथ-साथ पूरा शैक्षणिक कार्यक्रम प्रभावित हो गया है।

 

शिक्षा विभाग के अनुसार राजधानी में 236 कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं, जबकि विभिन्न कोचिंग संचालकों के अनुसार छोटे-बड़े मिलाकर करीब 4000 कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। प्रशासन ने अब तक 32 कोचिंग संस्थानों को सील किया है और जांच अभियान लगातार जारी है।

प्रशासन का पक्ष

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जा रही है। जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी और भवन संबंधी मानकों का पालन नहीं किया गया, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मानकों का पालन करने वाले संस्थानों को संचालन की अनुमति दी जाएगी।


और पढ़ें