उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर में खुद को
CBI
अधिकारी बताकर व्यापारी के घर में घुसकर डकैती डालने वाले गिरोह के फरार 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस और यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान अंकुर उर्फ प्रवीण के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ लूट, हत्या और डकैती समेत सात से अधिक मुकदमे अलग-अलग जनपदों और थानों में दर्ज हैं।
मामला बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, 19 दिसंबर 2025 को अंकुर उर्फ प्रवीण अपने साथियों के साथ व्यापारी के घर पहुंचा था। आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताया और इसी पहचान का फायदा उठाकर घर के अंदर दाखिल हो गए।घर में पहुंचने के बाद बदमाशों ने परिवार को डराया-धमकाया और सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लूटकर फरार हो गए। वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में टीमें लगाई गईं।
पांच आरोपी पहले ही पहुंच चुके जेल
डकैती के मामले में अनूपशहर पुलिस और स्वाट टीम ने कार्रवाई करते हुए 31 दिसंबर 2025 को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। सभी को जेल भेजने के साथ उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। हालांकि, वारदात में शामिल अंकुर उर्फ प्रवीण पुलिस की पकड़ से बाहर था। वह लगातार ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
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लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के मुताबिक, मेरठ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक की ओर से अंकुर उर्फ प्रवीण की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।इसके बाद आरोपी की तलाश में बुलंदशहर पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट भी सक्रिय थी।एसएसपी दिनेश कुमार सिंह के अनुसार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अनूपशहर पुलिस और यूपी एसटीएफ नोएडा यूनिट को अंकुर उर्फ प्रवीण के बारे में अहम सूचना मिली थी।
सूचना को पुख्ता करने के बाद दोनों टीमों ने संयुक्त कार्रवाई की और घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
फिरोजाबाद में बना रखा था ठिकाना
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकुर उर्फ प्रवीण पुत्र हरवीर उर्फ हमवीर के रूप में हुई है। वह मूल रूप से नगला लच्छी, थाना जसवंतनगर, जिला इटावा का रहने वाला है। वर्तमान में वह ग्राम केसरी राजौरा, थाना नसीरपुर, जिला फिरोजाबाद में रह रहा था। फरारी के दौरान वह यहीं से अपनी गतिविधियां चला रहा था। अकुर उर्फ प्रवीण के खिलाफ अलग-अलग जनपदों और थानों में लूट, हत्या और डकैती समेत सात से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी CBI अधिकारी बनकर की गई इस वारदात के अलावा वह और किन घटनाओं में शामिल रहा है।
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गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश
अंकुर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब गिरोह के बाकी सदस्यों और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाने की चुनौती है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि CBI अधिकारी बनकर व्यापारी के घर में घुसने की साजिश कैसे रची गई थी और लूट का माल कहां खपाया गया। इस वारदात में बदमाशों ने केंद्रीय जांच एजेंसी का नाम लेकर व्यापारी के परिवार को भरोसे में लिया और घर के भीतर प्रवेश किया था। इसके बाद सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लूटकर फरार हो गए।
करीब नौ महीने से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस और एसटीएफ की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अब जांच आगे बढ़ने के साथ इस गिरोह की अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।