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दिल्ली से शिमला-धर्मशाला का हवाई सफर फिर शुरू, जानें किस समय मिलेगी फ्लाइट

दो दिन ठप रहने के बाद  हिमाचल में हवाई सेवाएं फिर शुरू होने जा रही हैं। एलायंस एयर ने शिमला-धर्मशाला के लिए फ्लाइट शेड्यूल जारी किया है। 

एलायन्स एयर का विमान, Photo Credit-Internet

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सर्दियों के पर्यटन सीजन के बीच हिमाचल प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। नई दिल्ली-शिमला-धर्मशाला हवाई रूट पर दो दिन के व्यवधान के बाद रविवार से एलायंस एयर की उड़ानें दोबारा शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही विंटर सीजन के लिए उड़ानों का नया शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है, ऐसे में टिकट बुक करने वाले यात्रियों को अब अपनी यात्रा की योजना नए समय के अनुसार बनानी होगी।

 

हवाई सेवा में आए व्यवधान के कारण उन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जिन्होंने दिल्ली से शिमला या शिमला से धर्मशाला जाने के लिए हवाई सफर की योजना बनाई थी। अब उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम और परिचालन संबंधी परिस्थितियों के कारण उड़ानों की नियमितता हमेशा एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी रहती है।

सुबह दिल्ली से उड़ान, दोपहर से पहले तीन शहरों के बीच सफर

नए विंटर शेड्यूल के अनुसार दिल्ली से शिमला के लिए विमान सुबह 7:40 बजे रवाना होगा और 8:50 बजे जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पहुंचेगा। इसके बाद शिमला से धर्मशाला के लिए सुबह 9:15 बजे उड़ान भरी जाएगी। विमान सुबह 10:05 बजे धर्मशाला पहुंचेगा।

 

धर्मशाला से वापसी की उड़ान सुबह 10:30 बजे रवाना होकर 11:20 बजे शिमला पहुंचेगी। इसके बाद शिमला से नई दिल्ली के लिए विमान सुबह 11:45 बजे उड़ान भरेगा और दोपहर 12:55 बजे दिल्ली पहुंचेगा। इस तरह निर्धारित समय के अनुसार एक ही विमान के जरिए दिल्ली, शिमला और धर्मशाला के बीच यात्रियों को जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

 

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पहले दिन कितने यात्रियों ने किया सफर?

सेवा बहाली के पहले दिन शिमला एयरपोर्ट पर आगमन की दो उड़ानों के जरिए कुल 23 यात्री पहुंचे, जबकि प्रस्थान की दो उड़ानों से 28 यात्रियों ने अपने गंतव्य के लिए उड़ान भरी। ये आंकड़े हवाई सेवा के संचालन के साथ-साथ एक और पहलू की ओर ध्यान खींचते हैं। हिमाचल के छोटे हवाई अड्डों पर उड़ानों की उपलब्धता जितनी जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण पर्याप्त यात्री संख्या और नियमित संचालन भी है। पर्यटन सीजन में मांग बढ़ने की संभावना रहती है, लेकिन वास्तविक यात्री संख्या और व्यावसायिक व्यवहार्यता का आकलन नियमित आंकड़ों से ही किया जा सकता है।

 

विंटर टूरिज्म को कितनी मिलेगी रफ्तार?

सर्दियों में शिमला और धर्मशाला पर्यटकों के पसंदीदा गंतव्यों में शामिल रहते हैं। दिल्ली और आसपास के राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए हवाई सेवा समय बचाने का विकल्प है। खासकर कम समय में हिमाचल घूमने की योजना बनाने वाले पर्यटकों के लिए यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण हो सकती है। हवाई सेवाओं का फायदा केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों, कारोबारियों और जरूरी कार्यों से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी है। हालांकि, पर्यटन कारोबार को वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उड़ानों का संचालन नियमित रहे, टिकटों की उपलब्धता बनी रहे और यात्रियों को किराये व शेड्यूल को लेकर स्पष्ट जानकारी मिले।

 

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किराये का सवाल भी कम अहम नहीं

हवाई सेवा बहाल होने के साथ किराये का मुद्दा भी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। मई 2026 में जारी जानकारी के अनुसार दिल्ली-शिमला रूट पर किराया लगभग 4,500 रुपये से बढ़कर 7,441 रुपये तक पहुंचा था। वहीं, शिमला-धर्मशाला रूट पर किराया लगभग 2,100 रुपये से बढ़कर 4,125 रुपये बताया गया था। ये पहले जारी किए गए किराये के आंकड़े हैं। इन्हें मौजूदा विंटर शेड्यूल का निश्चित या सभी तारीखों पर लागू किराया नहीं माना जाना चाहिए। टिकट की वास्तविक कीमत यात्रा की तारीख, उपलब्धता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। 

 

शिमला का जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सामान्य मैदानी हवाई अड्डों से अलग चुनौतियां पेश करता है। खराब मौसम, दृश्यता और परिचालन संबंधी कारण उड़ानों के संचालन को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सिर्फ सेवा बहाल होना ही पर्याप्त नहीं है। यात्रियों के लिए जरूरी है कि उड़ानों की स्थिति समय रहते उपलब्ध हो और रद्द होने या समय बदलने की स्थिति में उन्हें उचित सूचना मिल सके। बीते दिनों उड़ानों में व्यवधान और बुकिंग को लेकर सामने आई अनिश्चितता ने भी इस जरूरत को उजागर किया है।

 

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नया विंटर शेड्यूल हिमाचल की हवाई कनेक्टिविटी को नियमितता दे पाएगा या पर्यटन सीजन में यात्रियों को फिर उड़ानों की अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा?


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