मुंबई में होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की एक महिला नेता पर पार्टी कार्यालय से अहम चुनावी दस्तावेज चोरी करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनाव से जुड़ा हुआ है, जहां नामांकन प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितता सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला सायन इलाके के वार्ड नंबर 173 से जुड़ा है। यहां से चुनाव लड़ने के लिए भाजपा की शिल्पा दत्ता केलुस्कर को सोमवार को पार्टी की ओर से ‘एबी फॉर्म’ जारी किया गया था। एबी फॉर्म किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद अहम दस्तावेज होता है, क्योंकि इसके बिना नामांकन दाखिल नहीं किया जा सकता। हालांकि, उसी शाम पार्टी स्तर पर फैसला बदलते हुए शिल्पा दत्ता केलुस्कर से यह फॉर्म वापस ले लिया गया।
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क्या है पूरा मामला?
इसके बाद एबी फॉर्म को दादर स्थित भाजपा कार्यालय में जमा कराया गया। पार्टी कार्यालय के सचिव दिनेश जगताप ने इस फॉर्म को सुरक्षित रखने के लिए एक दराज में रख दिया। पुलिस का आरोप है कि इसके कुछ समय बाद यह फॉर्म वहां से गायब हो गया। जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर महिला नेता ने यह फॉर्म पार्टी कार्यालय से चुरा लिया और उसी के आधार पर नामांकन दाखिल करने की कोशिश की।
इस बीच, भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच बीएमसी चुनाव को लेकर गठबंधन हुआ है। गठबंधन के तहत वार्ड नंबर 173 से शिवसेना की उम्मीदवार पूजा रामदास कांबले को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया गया। इसके लिए उन्हें आधिकारिक रूप से नया एबी फॉर्म जारी किया गया। पुलिस का कहना है कि इसके बावजूद पहले जारी किया गया एबी फॉर्म गलत तरीके से इस्तेमाल करने की कोशिश की गई, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है।
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फार्म चोरी के आरोप में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला भाजपा नेता के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि एबी फॉर्म से जुड़ी किसी भी तरह की छेड़छाड़ चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फॉर्म कैसे गायब हुआ और इसके पीछे किसकी भूमिका थी।