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'कभी-कभी ऐसे हादसे हो जाते हैं...', चोरबागान हादसे पर बोले दिलीप घोष

पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने चोरबागान में हुए भगदड़ पर कहा है कि कभी-कभी ऐसे हादसे हो जाते हैं। उन्होंने कहा है थोड़ी सी लापरवाही की वजह से ऐसी घटना हो जाती है।

दिलीप घोष चोरबागान भगदड़ पर बयान देते हुए

दिलीप घोष, Photo Credit- ANI

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पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने चोरबागान में हुए भगदड़ पर कहा है कभी- कभी ऐसे हादसे हो जाते हैं। दिलीप घोष का मानना है कि सालों साल-पूजा होती है लेकिन थोड़ी सी लापरवाही की वजह से ऐसी घटना हो जाती है। शनिवार सुबह बंगाल से सटे बिहार से भी एक ऐसा ही बयान सामने आया। बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने बिहार में हो रही हत्याओं पर कहा कि राज्य बड़ा है, ऐसे अपराध होते रहते हैं, क्या किया जा सकता है। पिछले महीने सिंतबर में बिहार के जमुई में एक 10 वीं की छात्रा के साथ बदसलूकी की घटना सामने आई थी। इस घटना को बिहार के जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने छिटपुट घटना बताया था। नेताओं के ऐसे ही बयान अक्सर विवाद की वजह बनते हैं। 

 

चोरबागान में हुए हादसे को लेकर विपक्ष खासकार तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। TMC नेता कुणाल घोष ने हादसे पर मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी के बयान को अधूरा, जिम्मेदारी से बचने वाला, भ्रामक और ध्यान भटकाने वाला बता दिया। उन्होंने नगर निगम और ओएसडी को पद से हटाए जाने की मांग की है। विपक्ष के हमले पर खड़गपुर सदर से विधायक दिलीप घोष ने कहा कि, 'राजनीति करने वाले राजनीति करेंगे, इतनी जगह पूजा हो रही है और हर जगह पुलिस है। लाखों लोग रास्ते में उतरकर घूम रहे हैं। लेकिन हो जाता है और इसीलिए इसे दुर्घटना कहते हैं।'

 

कैसे हुआ हादसा?

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान के सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें एक की हालत गंभीर है। रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश से बचने के लिए लोग पंडाल में घुसना चाहते थे, जबकि अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल रहे थे। संकरी सड़क पर भीड़ बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई लोग सीढ़ियों पर गिर गए और भीड़ में दबने व दम घुटने से उनकी मौत हो गई। 

 

यह भी पढ़ें: कोलकाता भगदड़: बारिश, गलत अनाउंसमेंट या आयोजकों की लापरवाही, हादसा क्यों हुआ?

क्या बोले दिलीप घोष?

दिलीप घोष ने कहा कि,'जो घटना हुई है वो दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन कभी-कभी ऐसे हादसे हो जाते हैं। सालों-साल से पूजा होती आ रही है। यहां बड़े पैमाने पर भव्य आयोजन होते हैं,  जहां लाखों लोग दर्शन करने और माथा टेकने आते हैं। कभी-कभी थोड़ी सी चूक या सावधानी में कमी के कारण ऐसे हादसे हो जाते हैं, जो कभी नहीं होने चाहिए।'

 

हादसे को लेकर अलग-अलग थ्योरी

स्थानीय लोगों के बयान और मीडिया रिपोर्ट से अब तक भगदड़ के कारण पर कई थ्योरियां सामने आ रही हैं। पहली थ्योरी बारिश और भीड़ के बढ़ते दबाव को मुख्य वजह बता रही है। दूसरी वजह,  गलत अनाउंसमेंट को लेकर के है। बताया जा रहा है कि बारिश आने के बाद किसी ने अनाउंसमेंट कर दिया कि पंडाल का एक हिस्सा टूट सकता है। इसके बाद भींड़ इधर-उधर भागने लगी और 19 लोगों की जान चली गई। एक थ्योरी स्थानीय व्यवस्था को लेकर भी सामने आ रही है। बताया जा रहा कि आयोजनकर्ताओं ने बच्चों को वालंटियर बनाया था।

 

यह भी पढ़ें: इंदौर: गरबा कार्यक्रम में BJP नेता की बदसलूकी, नाबालिक को धक्का दिया, केस दर्ज

मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 25 लाख

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। घायलों को 5 लाख रुपये की सहायता मिलेगी और इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। घटना की जांच कलकत्ता हाई कोर्ट के मौजूदा जज की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच टीम करेगी। इसमें STF, CID और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।

 


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