उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में बारिश शुरू होते ही घूघा नदी उफान पर आ जाती है और ग्रामीणों की ओर से बनाया गया लकड़ी का अस्थायी पुल बह जाता है। पुल बहने के बाद स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को नदी के पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इसी समस्या से परेशान जमुना देवी इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने घूघा नदी के पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से पक्का पुल बनवाने की मांग करते हुए कहा, 'डीएम अंकल, स्कूल जाने के लिए नदी पर पक्का पुल बनवा दीजिए।'
ग्रामीणों के मुताबिक घूघा नदी पर हर साल ग्रामीण अपनी मेहनत और उपलब्ध संसाधनों से लकड़ी का अस्थायी पुल तैयार करते हैं। बारिश तेज होते ही नदी उफान पर आ जाती है और पुल बह जाता है। पुल के बार-बार ध्वस्त होने से ग्रामीणों के साथ स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।नदी का पानी बढ़ने पर छात्र-छात्राओं को मजबूरी में पानी के बीच से होकर नदी पार करनी पड़ती है। उनका कहना है कि तेज बहाव के दौरान नदी पार करना जान जोखिम में डालने जैसा है।
पुल न होने की वजह से जूझते हैं कई गांव
घूघा नदी के पार रायपुर से हकीमगंज, पुसवाड़ा, गहीनानगली, रायपुर चुनवाला, भगवंतनगर समेत आसपास के गांवों और उत्तराखंड क्षेत्र का संपर्क जुड़ा हुआ है। इसी रास्ते से कई छात्र-छात्राएं जमुना देवी इंटर कॉलेज जाते हैं। अस्थायी पुल बहने के बाद इन गांवों के लोगों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो जाती है।
यह भी पढ़ें: UP: लाइसेंस वाले टेस्ट में फेल हुए तो 6000 रुपये देकर लेनी होगी ट्रेनिंग
नदी में उतरकर जताया विरोध
अस्थायी पुल की समस्या से परेशान छात्र-छात्राएं नदी के पानी में उतर गए और वहीं खड़े होकर प्रशासन से पक्का पुल बनवाने की मांग की। उनका कहना था कि हर साल बरसात में यही स्थिति पैदा होती है। पुल बहने के बाद स्कूल पहुंचने के लिए उन्हें अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। छात्र-छात्राओं के नदी में खड़े होकर प्रदर्शन का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ तो मामला प्रशासन के संज्ञान में आया।
नायब तहसीलदार ने सुनी समस्या
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर नायब तहसीलदार सतीश मिश्रा ने ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं की बात सुनी। उन्होंने मौके की स्थिति की जानकारी ली। छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर घूघा नदी पर पक्के पुल के निर्माण की मांग की। नायब तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद अब ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
यह भी पढ़ें: मथुरा में ओमेक्स मॉल की शटरिंग भरभराकर गिरी, 3 मजदूरों की मौत; 1 गंभीर
स्थायी समाधान की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल लकड़ी का अस्थायी पुल बनाना और फिर उसके बह जाने के बाद नदी पार करना उनकी मजबूरी बन चुकी है। उनका कहना है कि घूघा नदी पर पक्का पुल बन जाने से आसपास के गांवों के लोगों के साथ छात्र-छात्राओं को भी बड़ी राहत मिलेगी। जिलाधिकारी ने पुल की समस्या को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान की दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है।