बिहार के मुंगेर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जॉलीवुड म्यूजिक कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव के घर छापेमारी की। ईडी की टीम ने नया टोला फूलका स्थित उनके आवास पर कई घंटे तक जांच की और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम दस्तावेज खंगाले। इसी दौरान ईडी की दूसरी टीम ने जमालपुर में भी कार्रवाई कर कंपनी से जुड़े लोगों से पूछताछ की। जांच एजेंसी करोड़ों रुपये की कथित ठगी, निवेश से जुड़े दस्तावेज और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जयधन तांती और प्रिया राजीव रंजन से भी पूछताछ की जा रही है।
दरअसल जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कंपनी ने चिटफंड कंपनियों की तरह लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर पैसा निवेश कराया। शुरुआत में कुछ लोगों को थोड़ा-बहुत रिटर्न भी दिया गया जिससे दूसरे लोगों का भरोसा बढ़ गया। इसके बाद कंपनी ने बड़ी रकम जुटाई और अचानक अपना कार्यालय बंद कर दिया। जब निवेशक अपना पैसा लेने पहुंचे तो ऑफिस पर ताला लगा मिला और कंपनी से जुड़े लोग गायब थे। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने जमालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया कि कंपनी ने अलग-अलग योजनाओं के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए थे।
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कंपनी निदेशक ने कोर्ट में किया था सरेंडर
पुलिस जांच के दौरान कंपनी निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव फरार हो गए थे। बाद में उन्होंने मुंगेर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। तब से वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। अब ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के एंगल से जांच शुरू की है। गुरुवार की छापेमारी इसी कड़ी का हिस्सा है। ईडी अधिकारी घर से बैंक स्टेटमेंट, प्रॉपर्टी के कागजात, निवेशकों की लिस्ट और कंपनी के खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त कर रहे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कंपनी के जरिए कुल कितनी रकम जुटाई गई, वह पैसा कहां-कहां निवेश किया गया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल रहे। ईडी को शक है कि निवेशकों का पैसा रियल एस्टेट और अन्य कंपनियों में घुमाया गया है।
ईडी की कार्रवाई के बाद जॉलीवुड कंपनी से जुड़े लोगों और निवेशकों के बीच हलचल तेज हो गई है। जिन लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई कंपनी में लगाई थी उन्हें उम्मीद है कि अब उन्हें पैसा वापस मिल सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी ने "म्यूजिक इंडस्ट्री में निवेश" के नाम पर लोगों को ठगा। कई रिटायर्ड कर्मचारियों और छोटे दुकानदारों ने भी इसमें पैसा लगाया था। ईडी सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी कंपनी से जुड़े अन्य निदेशकों, एजेंटों और बिचौलियों के ठिकानों पर भी कार्रवाई कर सकती है। साथ ही उन प्रॉपर्टी को भी चिन्हित किया जा रहा है जिन्हें निवेशकों के पैसे से खरीदा गया था।
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बिहार में चिटफंड कंपनियों पर बढ़ी ईडी की नजर
पिछले कुछ सालों में बिहार में ऐसी कई कंपनियां सामने आई हैं जिन्होंने निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों ठगे। ईडी अब ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही है। जॉलीवुड केस में भी एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है ताकि निवेशकों का पैसा रिकवर कराया जा सके। फिलहाल ईडी की टीम दस्तावेजों को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कई और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे ईडी को अपने दस्तावेज उपलब्ध कराएं ताकि रिकवरी की प्रक्रिया तेज हो सके।